चंडीगढ़ में पिछले चार वर्षों से 125 वाटर बूस्टरों और बड़े स्टोरेज टैंकों की नियमित सफाई न होने से जनता तक दूषित पानी पहुंचने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

चंडीगढ़। देश के सबसे व्यवस्थित शहरों में शुमार स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ में इस वक्त पेयजल की शुद्धता और उसकी गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले करीब 125 प्रमुख वाटर बूस्टर, बड़े वाटर रिजर्वायर और अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंक पिछले चार वर्षों से बिना किसी नियमित सफाई, आवश्यक मरम्मत और उचित रखरखाव के ही लगातार संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन की इस कथित लापरवाही के चलते अब शहर के हजारों परिवारों के घरों तक दूषित पेयजल पहुंचने की गंभीर आशंका प्रबल हो गई है। इस चौंकाने वाले प्रशासनिक खुलासे के बाद से ही जागरूक शहरवासियों के बीच अपनी सेहत को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है।

नियम टूटने से सेहत को खतरा

वाटर बूस्टरों की सफाई और उनके तकनीकी रखरखाव के कार्यों से लंबे समय से जुड़े विशेषज्ञ दिलीप भारद्वाज ने इस पूरे मामले पर गंभीर दावा किया है। उन्होंने बताया कि विभागीय नियमों के अनुसार, जनता को स्वच्छ जल देने के लिए इन सभी जल संरचनाओं की प्रत्येक छह महीने में गहन सफाई और अनिवार्य तकनीकी जांच होनी बेहद आवश्यक है, लेकिन स्थानीय जिम्मेदार महकमे ने पिछले चार वर्षों से इस जरूरी काम को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल रखा है। लगातार हो रही इस भारी विभागीय लापरवाही की वजह से पाइपलाइनों में पेयजल की गुणवत्ता अत्यधिक प्रभावित हो सकती है, जो भविष्य में सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होगी।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग

इस संवेदनशील मामले के उजागर होने के बाद अब दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग लगातार तेज होने लगी है। दिलीप भारद्वाज ने पुरजोर मांग की है कि आगामी 29 जून को आयोजित होने वाली नगर निगम की अहम बैठक में इस गंभीर जनहित के मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए। इसके साथ ही, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ‘बॉडी क्राफ्ट’ के अध्यक्ष हितेश पुरी ने भी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर जनता की जिंदगी से जुड़ा मामला है, इसलिए सरकार को पूरे प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय कर तुरंत सफाई का काम शुरू करना चाहिए।