Kota Medical College Hospital Case: शिक्षा नगरी कोटा के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MBS) से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे राजस्थान के चिकित्सा महकमे को हिला दिया है। यहां गायनिक वार्ड में भर्ती 6 प्रसूताओं को बुधवार को इंजेक्शन क्या लगा, मानो उनकी जिंदगी पर मौत का साया मंडराने लगा। देखते ही देखते एक महिला की जान चली गई, जबकि 5 अन्य महिलाओं की हालत गंभीर है।

गलत इंजेक्शन या दवा? वार्ड में मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार मामला तब बिगड़ा जब वार्ड में भर्ती महिलाओं को रूटीन दवाएं और इंजेक्शन दिए गए। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिलाओं का ब्लड प्रेशर गिरने लगा और यूरिन आउटपुट पूरी तरह बंद हो गया। मृतक महिला पायल (निवासी भैंसरोडगढ़) के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका सीधा आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ ने कोई गलत इंजेक्शन दिया है। विधायक संदीप शर्मा भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों की क्लास लगाई। विधायक ने बताया कि कुल 13 महिलाओं को दवा दी गई थी, जिनमें से 6 की हालत गंभीर हुई है।
किडनी में फैला इन्फेक्शन, 5 महिलाएं जीवन-मौत के बीच
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने स्वीकार किया है कि मामला बेहद गंभीर है। डॉक्टरों की टीम के मुताबिक, प्रभावित महिलाओं की किडनी में तेजी से इन्फेक्शन फैला है, जिसके कारण उन्हें तुरंत नेफ्रोलॉजी वार्ड में शिफ्ट किया गया है। ज्योति, चंद्रकला, धन्नी और रागिनी जैसी प्रसूताएं अभी भी खतरे की जद में हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी नवजात बच्चों को तुरंत NMCH वार्ड में शिफ्ट कर दिया है ताकि मासूमों तक यह इन्फेक्शन न पहुंचे।
जांच के लिए बनी 2 कमेटियां
अस्पताल प्रशासन ने इस मेडिकल मर्डर जैसे हालात की जांच के लिए दो टीमें गठित की हैं। सूत्रों का कहना है कि शुरुआती शक उस एंटीबायोटिक या आईवी फ्लूइड (बोतल) पर है जो उन महिलाओं को चढ़ाया गया था। 3 सदस्यीय जांच कमेटी इस बात का पता लगा रही है कि क्या दवा एक्सपायरी थी या उसमें कोई जहरीला तत्व था। वहीं, 5 सीनियर डॉक्टरों की टीम वेंटिलेटर पर मौजूद महिलाओं को बचाने की जद्दोजहद में जुटी है।
परिजनों का दर्द
पीड़ित लोकेश मीणा ने बताया कि उनकी पत्नी रागिनी ने रात में ही पेशाब बंद होने और घबराहट की शिकायत की थी, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उन्हें डपट कर भगा दिया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टर जाग जाते, तो शायद पायल की जान बच सकती थी। फिलहाल अस्पताल में तनाव का माहौल है और लोग दोषियों को तुरंत सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं।
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