कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुका है। मतगणना केंद्रों के बाहर सुबह से ही जन सुराज के समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है। हर तरफ कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है और ‘जय बिहार’ के गगनभेदी नारे गूंज रहे हैं। इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) खेमे में भारी मायूसी छाई हुई है और पार्टी कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। शुरुआती रुझान और आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि इस चुनाव ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है।

​दिग्गजों का हाल और सीटों का गणित

​सबसे बड़ा उलटफेर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां पार्टी उम्मीदवार और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष पीछे चल रहे हैं। दूसरी ओर, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपनी मजबूत बढ़त शुरू से ही बरकरार रखी है।

  • ​प्रशांत किशोर (जन सुराज): वर्तमान में 6,646 वोटों से आगे चल रहे हैं और लगातार अपनी लीड मजबूत कर रहे हैं।
  • ​नीरज सिन्हा (बीजेपी): 17,119 मतों के साथ दूसरे स्थान पर संघर्ष कर रहे हैं।
  • ​रेखा गुप्ता (राजद): इस मुकाबले में काफी पिछड़ती नजर आ रही हैं, जिन्हें अब तक मात्र 4,850 वोट ही मिले हैं।

​रणनीतिक बढ़त और जातिगत समीकरण

​इस चुनाव परिणाम के जो शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पारंपरिक रूप से बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले कायस्थ बहुल इलाकों में ही पार्टी 5,000 से अधिक वोटों से पिछड़ गई है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि अभी मुस्लिम बहुल इलाकों की काउंटिंग शुरू होना बाकी है। यदि इन इलाकों के वोट भी जन सुराज के पक्ष में जुड़ते हैं, तो यह जीत और भी अधिक प्रचंड हो सकती है।

​जीत तो पहले ही तय थी – प्रशांत किशोर

​मतगणना के दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आत्मविश्वासी लहजे में कहा कि जीत तो पहले ही हो चुकी है। उनके इस बयान के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र के बाहर ही जश्न मनाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी प्रशांत किशोर और जन सुराज पार्टी तेजी से ट्रेंड कर रही है, जो इस राजनीतिक बदलाव की गूंज को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी साबित कर रही है।