पंकज श्रीवास्तव, छपरा। बिहार बंद के दौरान छपरा शहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बंद समर्थकों और उपद्रवियों ने शहर में जमकर तांडव मचाया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और उपद्रवियों के बीच कई दौर की हिंसक झड़पें और मुठभेड़ हुई। हालात इतने बेकाबू हो गए कि अराजक तत्वों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए पुलिस बल को ही निशाना बना लिया।
​उपद्रवियों की भीड़ ने आक्रोश में आकर बिहार पुलिस की एक आधिकारिक वैन को आग के हवाले कर दिया। आगजनी के अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में जमकर तोड़फोड़ की गई, जिससे सरकारी और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। हिंसक भीड़ यहीं नहीं रुकी, बल्कि उसने प्रशासनिक केंद्र को भी नहीं बख्शा। अराजक तत्वों ने सीधे जिला अधिकारी (DM) कार्यालय पर पहुंचकर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया।

इस भीषण उपद्रव और पथराव में लगभग तीन दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में छपरा सदर के बीडीओ (BDO) दृष्टि पाठक भी शामिल हैं, जिन्हें डयूटी के दौरान गंभीर चोटें आईं। उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव में उनकी आंख पर गहरी चोट लगी है, जिसके बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए आईजीआईएमएस (IGIMS) पटना रेफर कर दिया गया है।


​घटना के बाद से पूरे छपरा शहर में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर के चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। पुलिस प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गया है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।