मुंबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को औपचारिक सम्मान देने की मांग तेज हो गई है। शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मछार को अशोक चक्र देने पर विचार करने का अनुरोध किया है।
फ्लाईदुबई फ्लाइट में दिखाई असाधारण बहादुरी
मिलिंद देवरा ने अपने पत्र में कहा कि मुंबई में जन्मे कैप्टन स्मित मछार ने फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 के दौरान असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। घटना के दौरान उन पर कथित तौर पर उनके को-पायलट ने हमला किया और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की गई।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने विमान में सवार 174 यात्रियों, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे, की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे।
इमरजेंसी सिग्नल भेजकर विमान को सुरक्षित उतारा
घटना के बीच फ्लाइट ने इमरजेंसी सिग्नल भेजा और तेजी से ऊंचाई कम की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। एक इजरायली यात्री और क्रू मेंबर के कॉकपिट में पहुंचने के बाद को-पायलट को काबू करने में मदद मिली। देवरा ने कहा कि मछार का आचरण सामान्य पेशेवर जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर साहस, निस्वार्थता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है।
पीएम मोदी ने भी की कैप्टन मछार से बात
यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनके साहस की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि देश को यात्रियों की जान बचाने के उनके प्रयासों पर गर्व है।
बातचीत के दौरान मछार ने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और फ्लाइट के दौरान भी तनाव के बीच उन्होंने ऐसा किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श भी बताया।
अशोक चक्र देने पर विचार की अपील
मिलिंद देवरा ने प्रधानमंत्री से कैप्टन स्मित मछार के लिए अशोक चक्र, भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मानों में से एक, पर विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहस को औपचारिक मान्यता देने से युवाओं को यह संदेश मिलेगा कि वीरता केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं होती।
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