Technology Desk : आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। लोग पढ़ाई और ऑफिस के काम के अलावा अब अपने दिल का हाल, गम और गुस्सा भी चैटबॉट्स के साथ शेयर करने लगे हैं। लेकिन, जब कोई व्यक्ति अपनी पर्सनल भड़ास निकालने के बजाय AI का इस्तेमाल किसी खौफनाक जुर्म को अंजाम देने के लिए करता है, तो टेक्नोलॉजी चुप नहीं बैठती। हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा से एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चैटबॉट, ChatGPT की सूझबूझ और सतर्कता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

ब्रेकअप के बाद डिप्रेशन और गुस्से में डूबा युवक

यह पूरा मामला फ्लोरिडा का है, जहां 25 साल के डैरेन झाऊ (Darren Zhou) नाम के एक युवक का अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था। इस रिश्ते के टूटने के बाद डैरेन लगातार गहरे डिप्रेशन और भारी गुस्से में रहने लगा।

अपने इस गुस्से और घुटन को बाहर निकालने के लिए उसने ChatGPT का सहारा लिया। शुरुआत में उसने चैटबॉट से अपनी पुरानी यादों, गर्लफ्रेंड की आदतों और ब्रेकअप के दर्द के बारे में आम बातचीत की। लेकिन धीरे-धीरे उसकी ये बातें बहुत ज्यादा डरावनी, हिंसक और जानलेवा होने लगीं।

चैटबॉट पर रची गई खौफनाक साजिश

अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, डैरेन ने चैटबॉट पर अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड को लेकर खतरनाक बातें लिखनी शुरू कर दीं। उसने यहाँ तक लिखा कि “अगर वह लड़की मेरी नहीं हो सकती, तो मैं उसे किसी और की भी नहीं होने दूंगा।”

डैरेन ने AI के साथ अपनी साजिश की पूरी रूपरेखा शेयर की। उसने बताया कि वह अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड की हत्या करने की योजना बना रहा है। उसने चैट में लिखा कि वह लड़की को गन पॉइंट पर अगवा करेगा, उसके साथ रेप करेगा और उसे बंधक बनाकर रखेगा। अपनी इन डरावनी बातों को पुख्ता करते हुए उसने यह भी खुलासा किया कि उसके पास AR-15 राइफल, ग्लॉक पिस्टल और शॉटगन जैसे कई घातक हथियार मौजूद हैं।

ओपनएआई (OpenAI) की पैनी नजर और तुरंत एक्शन

जैसे ही डैरेन की बातें सामान्य चैट से बदलकर गंभीर और जानलेवा धमकियों में तब्दील हुईं, OpenAI के एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम ने इसे तुरंत पकड़ लिया। कंपनी की सख्त नीतियों के अनुसार, यदि कोई यूजर हिंसा, खुद को नुकसान पहुंचाने (आत्महत्या) या किसी बड़े अपराध की प्लानिंग करता है, तो उस पर तुरंत कड़ी निगरानी रखी जाती है।

मामले की नजाकत और खतरे को भांपते हुए कंपनी ने बिना एक पल गंवाए इसकी गुप्त सूचना सीधे संघीय जांच एजेंसी (FBI) को दे दी। एफबीआई के अधिकारियों ने तुरंत हरकत में आते हुए डैरेन की पिछले दो महीनों की पूरी चैट हिस्ट्री खंगाल डाली और उसके नापाक मंसूबों के सबूत जुटा लिए।

दो महीने बाद गिरफ्तारी और जुर्म कबूलनामा

एफबीआई से इनपुट मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मई के महीने में डैरेन झाऊ को धर दबोचा। उसके खिलाफ एग्रेटेड स्टॉकिंग (उत्पीड़न), हत्या की लिखित धमकी देने और कम्यूनिकेशन डिवाइस का गलत इस्तेमाल करने जैसे कई संगीन धाराओं में मामले दर्ज किए गए।

मामले की सुनवाई के दौरान 13 अगस्त को डैरेन ने अदालत में अपने ऊपर लगे तीनों गंभीर आरोप स्वीकार कर लिए। जेल की लंबी सजा से बचने के लिए उसने एक नेगोशिएटेड डील के तहत अपना गुनाह कबूला।

अदालत का फैसला और सख्त सजा

सर्किट जज स्कॉट सस्कॉर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डैरेन को आठ साल की प्रोबेशन (निगरानी) की सजा सुनाई है। इस सजा के तहत उसे कई कड़ी शर्तों का पालन करना होगा:

एंकल मॉनिटर: सजा के शुरुआती दो सालों तक उसे हर वक्त अपने पैर में एक जीपीएस एंकल मॉनिटर पहनना होगा, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन पर 24 घंटे नजर रख सके।

अनिवार्य इलाज: उसे नियमित रूप से मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) की जांच से गुजरना होगा और ‘बैटलर इंटरवेंशन प्रोग्राम’ पूरा करना होगा।

सख्त पाबंदियां: अदालत ने उस पर शराब, किसी भी तरह के ड्रग्स और हथियार रखने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। साथ ही, वह अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड से किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं कर सकता है।