2 करोड़ रुपये के हरी मटर आयात घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर कस्टम (customs) के एडिशनल कमिश्नर एम. सतीशकुमार चेन्नई के एक कोर्ट ने 25 फरवरी तक जेल भेज दिया है. हरी मटर घोटाले का खुलासा करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) ने बुधवार को एडिशनल कमिश्नर कस्टम समेत 3 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. इस गिरफ्तारी के बाद कस्टम विभाग में घोटाले का खुलासा होने पर एक बड़ गिरोह का पर्दाफाश हो गया.
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गौरतलब है कि राजस्व खुफिया निदेशालय डीआरआई ने चेन्नई बंदरगाह पर 2 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित ग्रीन मर्चेंडाइज के अवैध आयात की सीमा शुल्क के अतिरिक्त समेत तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. इस मामले में पकड़े गए अधिकारियों पर अब सीमा शुल्क, धोखाधड़ी और बंधक के आरोप हैं.
डीआरआ को जांच में कि सरकारी अधिकारियों और शियाटकों के बीच नासा चैट के जरिए पता चला कि कस्टम अधिकारियों ने अवैध शिपमेंट की बकाया राशि के लिए नकद और अन्य सामानों की डिमांड की थी. शुरुआती जांच में केवल तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में अतिरिक्त आयुक्त श्रीशेष कुमार की संलिप्ता भी मिली.
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बता दें कि हरी मटर का कोटा केवल कोलकाता बंदरगाह के माध्यम से ही किया जा सकता है. हालांकि इस मामले में, शिपमेंट सीधे दुबई से आया था, जहां इथिकॉन ने बिना किसी प्रतिबंध के कस्टम को पास करने के लिए माल को उड़द दाल तूर दाल के रूप में गलत तरीके से घोषित किया. जब डी लाइसेंसिंग अधिकारियों ने दो जांचकर्ताओं की स्केल ली, तो उन्हें 100 टन हरी मटर मिली के बजाय घोषित माल मिला.

