सुनील उपाध्याय, छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बंदरों का आतंक अब इस हद तक बढ़ गया है कि ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। किशनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम राईपुरा में बंदरों के लगातार हमलों से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने अमानगंज-गुलगंज नेशनल हाईवे-43 पर सड़क पर बैठकर जोरदार चक्का जाम कर दिया। स्थिति यह बन गई कि देखते ही देखते हाइवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

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अस्पताल में इंजेक्शन गायब और वन विभाग खामोश

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में खूंखार हो चुके बंदर लगातार लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर रहे हैं। हालात तब और ज्यादा बदतर हो जाते हैं जब घायल लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, क्योंकि वहां एंटी-रेबीज या जरूरी इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग भी इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है और बंदरों के रेस्क्यू के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है।

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साढ़े तीन घंटे चली मान-मनौव्वल के बाद खुला जाम

सड़क पर जाम लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर एसडीओपी अजय राठौरिया और वन परिक्षेत्र अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाने और समस्या का स्थायी समाधान करने का ठोस आश्वासन दिया। प्रशासन की समझाइश के बाद करीब साढ़े तीन घंटे चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने जाम खोला।

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