रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। लगभग पूरे भाषण के दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों और अपनी सरकार के ढाई वर्षों का तुलनात्मक लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक हताशा का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के जनादेश के खिलाफ है, जिसने लगातार चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जिस सरकार पर अविश्वास जता रही है, उसी सरकार के पक्ष में जनता ने विधानसभा, लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों में लगातार अपना विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठाने का निर्णय लिया है और अब वही कांग्रेस जनता के निर्णय पर सवाल उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दल पर जनता ने स्वयं स्थायी अविश्वास जता दिया हो, उसे जनता के विश्वास वाली सरकार पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को आर्थिक सहायता और अनेक चुनावी वादे पूरे नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल की पहचान शराब घोटाला, कोयला घोटाला, डीएमएफ घोटाला, राशन घोटाला, महादेव एप घोटाला और पीएससी भर्ती विवाद जैसे मामलों से हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालते ही पीएससी मामले की जांच सीबीआई को सौंपकर युवाओं का विश्वास लौटाने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना का तेजी से क्रियान्वयन, गरीब परिवारों को पक्के मकान, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सरकार की प्राथमिकताओं में रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पांच वर्षों में जिन योजनाओं को रोका या कमजोर किया, वर्तमान सरकार ने उन्हें पुनर्जीवित किया।
महिलाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से करोड़ों रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचे हैं। स्व-सहायता समूहों को पुनः कार्य दिए गए हैं और लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि संपत्ति पंजीयन में महिलाओं को दी गई रियायतें उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, विद्युत सब्सिडी में वृद्धि और कृषि अधोसंरचना के विकास पर रिकॉर्ड निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में पैक्स के कंप्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटरों के विस्तार तथा किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
आदिवासी विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाया, चरणपादुका योजना पुनः शुरू की, वनाधिकार से जुड़े निर्णय लिए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय वर्गों तक विकास पहुंचाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और जनजातीय संग्रहालय जैसी पहलें आदिवासी समाज के सम्मान और विकास का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में कानून व्यवस्था कमजोर हुई, जबकि वर्तमान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई, डायल-112 का विस्तार हुआ और साइबर अपराधों से निपटने के लिए नए साइबर थाने स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता की ओर बढ़ा है।
युवाओं के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन, पुलिस भर्ती, पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेज, मुख्यमंत्री एआई मिशन, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए सहायता योजना, शिक्षा सहयोग योजना, आईटीआई उन्नयन तथा नवा रायपुर को शिक्षा और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने जैसे निर्णय भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।
औद्योगिक विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति और निवेशक अनुकूल वातावरण के कारण राज्य को 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देंगे।
ऊर्जा क्षेत्र पर कांग्रेस और भाजपा सरकार की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बिजली उपभोक्ताओं को रियायती बिजली से आगे बढ़ाकर मुफ्त बिजली की दिशा में ले जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं और प्रतिदिन 500 से अधिक नए संयंत्र स्थापित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सदन में टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं ने भी अपने घरों में सोलर प्लांट लगवा लिए हैं, इसलिए कम से कम इस योजना का विरोध तो नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है। सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण, विद्युत सब्सिडी, पारेषण क्षमता, नए उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों तथा ऊर्जा उत्पादन में वर्तमान सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि राज्य ने प्लांट लोड फैक्टर के मामले में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए नई ताप विद्युत, पम्प स्टोरेज और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
खनिज क्षेत्र पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिला खनिज संस्थान निधि (डीएमएफ) की व्यवस्था खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाई थी, लेकिन पिछली सरकार में इस निधि में भारी अनियमितताएं हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमएफ में “40 प्रतिशत कमीशन से नीचे बात नहीं होती थी” और कुछ अधिकारी वसूली एजेंट की तरह काम करते थे, जो आज जेल में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने डिजिटल सुधारों, ऑनलाइन व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से रिकॉर्ड खनिज राजस्व अर्जित किया है तथा डीएमएफ राशि से हजारों विकास कार्य पूरे कराए हैं।
पर्यावरण और विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय स्वयं कांग्रेस नेतृत्व कोयला खनन की आवश्यकता स्वीकार करता था, जबकि आज वही लोग विकास परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खनन, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर काम कर रही है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, वन क्षेत्र में वृद्धि और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान इसका प्रमाण हैं।
प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान मंत्रालय की कार्य संस्कृति प्रभावित हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बायोमेट्रिक उपस्थिति, ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, ऑटो म्यूटेशन, स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय, सुशासन तिहार और ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ जैसी पहलों के माध्यम से प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम पारित कर छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंतिम हिस्से में कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र सदैव नकारात्मक रहा है। धारा 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर कांग्रेस का रवैया देश की भावना के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर प्रश्न उठाना और सेना के शौर्य पर संदेह करना कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गया है।
समापन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह खोखला, आधारहीन और राजनीतिक नौटंकी है। उन्होंने कहा कि जनता की अदालत सबसे बड़ी होती है और वही अंतिम निर्णय देती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता का भरोसा भारतीय जनता पार्टी की सरकार के साथ है और राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।

