Chhattisgarh : आशुतोष तिवारी, जगदलपुर. अड़ावाल गांव में सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ‘तेंदुआ’ के वीडियो ने लोगों में दहशत फैला दी. गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल बन गया, लेकिन जब वन विभाग ने जांच की तो पूरा मामला AI से तैयार किए गए फर्जी वीडियो का निकला. वन विभाग ने वीडियो बनाने वाले युवक तक महज एक घंटे में पहुंचकर उससे पूछताछ की, जिसने इसे मजाक में बनाया गया वीडियो बताते हुए अपनी गलती स्वीकार कर ली. विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव से जुड़े वीडियो या सूचना को बिना पुष्टि के वायरल न करें.
जानकारी के मुताबिक, यह मामला जगदलपुर के माचकोट वन परिक्षेत्र के अड़ावाल गांव का है, जहां एक घर के सीसीटीवी कैमरे में कथित तौर पर तेंदुए के दिखाई देने का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो के वायरल होते ही ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.
सूचना मिलते ही वन विभाग ने तत्काल जांच शुरू की. तकनीकी और स्थानीय स्तर पर पड़ताल के बाद स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो पूरी तरह AI तकनीक से तैयार किया गया था और उसमें दिखाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं थी. वन विभाग की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज एक घंटे के भीतर वीडियो बनाने वाले युवक की पहचान कर उसे माचकोट वन परिक्षेत्र कार्यालय बुलाया. पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसने यह वीडियो केवल मजाक के उद्देश्य से बनाया था.

वन अधिकारियों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक को कड़ी समझाइश दी. युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए विभाग और ग्रामीणों से माफी मांगी. चूंकि यह उसकी पहली गलती थी, इसलिए फिलहाल उसे सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.
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