शिवम मिश्रा, रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रकरणों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी बताए जाने वाले कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केके श्रीवास्तव को कथित हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने केके श्रीवास्तव को विशेष अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 8 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।

बता दें कि ईडी ने पूछताछ के लिए कोर्ट से 9 दिनों की कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 8 दिन की रिमांड मंजूर की। अब ईडी 7 अगस्त तक केके श्रीवास्तव से पूछताछ करेगी।

शराब घोटाला मामले में पहले जेल में बंद थे केके श्रीवास्तव और सौम्या चौरसिया

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में केके श्रीवास्तव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया दोनों जेल में बंद थे। बीते मार्च महीने में हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर की थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिस दिन इस मामले में चालान पेश किया जाएगा, उसी दिन उन्हें जेल से रिहाई मिल सकेगी।

इसके बाद 8 अप्रैल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कोर्ट में चालान पेश किया। चालान पेश होने के बाद सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव की रायपुर सेंट्रल जेल से रिहाई हुई थी। हालांकि, अब ईडी की नई कार्रवाई के बाद केके श्रीवास्तव एक बार फिर जांच एजेंसी की हिरासत में हैं।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर 15 करोड़ की ठगी का आरोप

केके श्रीवास्तव पर स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर परियोजनाओं में करीब 500 करोड़ रुपये का काम दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी करने का आरोप है। इस मामले में रायपुर के तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

शिकायत के अनुसार, दिल्ली के कारोबारी रावत एसोसिएट से जुड़े लोगों को प्रोजेक्ट दिलाने का आश्वासन देकर पैसे लिए गए थे। आरोप है कि काम नहीं मिलने के बाद रकम वापस मांगने पर विवाद बढ़ा और मामला पुलिस तक पहुंचा।

300 करोड़ के लेन-देन की जांच, खातों की पड़ताल जारी

जांच एजेंसियों के अनुसार, केके श्रीवास्तव से जुड़े कई बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में करीब 300 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की बात भी सामने आई थी।

आरोप है कि कुछ खातों का इस्तेमाल आर्थिक लेन-देन के लिए किया गया। इस पूरे मामले में आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों को भी जानकारी साझा की गई है।

ईडी की पूछताछ में हो सकते हैं कई अहम खुलासे

ईडी अब रिमांड अवधि के दौरान केके श्रीवास्तव से कथित हवाला नेटवर्क, पैसों के स्रोत, बैंक खातों में हुए लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अवैध धन का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल ईडी मामले की जांच में जुटी हुई है और रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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