शरद पाठक, छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक बेटे ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी मां को तेंदुए के जबड़े से बचा लिया। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने हमला कर दिया था। यह देख बेटा पहुंचा और 25 मिनट तक लड़ता रहा। आखिरकार उसने अपनी मां की जान बचा ली। यह पूरी घटना सांवरी वन परिक्षेत्र के मुजावर माल गांव की है।

जानकारी के मुताबिक, मुजावर माल गांव में घर से करीब 100 मीटर दूर बने बाड़े में बकरियों को बांधकर लौट रही महिला गीता बाई पर अचानक एक खूंखार तेंदुए ने हमला कर दिया। मां की चीख सुनते ही बेटा सनोज बिना अपनी जान की परवाह किए मौके पर दौड़ा और सीधे तेंदुए से भिड़ गया। ​तेंदुए ने महिला को छोड़ युवक पर हमला बोल दिया। लगभग 25 मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच यह खूनी संघर्ष चलता रहा। अंततः बेटे के साहस के आगे तेंदुआ पस्त हुआ और युवक को छोड़कर एक बकरी को उठाकर जंगल की ओर भाग निकला।

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मां की आवाज सुनकर पहुंचा बेटा

इस हमले में मां और बेटा दोनों घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही वन अमला अस्पताल पहुंचा। ​घटना में घायल महिला गीता बाई ने बताया कि कोठे में बकरी बांधकर बाहर निकल ही रही थी कि तेंदुए ने अचानक झपट्टा मार दिया। जिसके बाद वह चिल्लाई तो बेटा दौड़कर पहुंचा और तेंदुए से भिड़ गया। उसने अपनी जान दांव पर लगाकर बचाया।

तेंदुए से भिड़कर मां को छुड़ाया

​वहीं घायल बेटे सनोज ने बताया कि उसने मां की चीख सुनी तो वह रुक नहीं सका। वहां पहुंचा तो तेंदुआ मां को दबाए हुए था। यह देख डंडे और हाथों से उस पर वार किया। तेंदुए ने मुझ पर भी हमला किया, लेकिन मैं 20-25 मिनट तक लड़ता रहा और आखिरकार मां को छुड़ा लिया।

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