Chirag Paswan: जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना सामने के बाद समस्तीपुर और मधेपुरा से भी इस तरह की घटनाएं सामने आई, जो सभ्य समाज और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही हैं। वहीं, अब बांका में भी एक युवती के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ है। सामने आ रही इस तरह की घटनाओं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया सामने आई है।
‘बिहारियों के लिए यह शर्म की बात’
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि, जिस तरीके से एक के बाद एक यह घटनाएं सामने आ रही हैं, न सिर्फ यह चिंता का विषय है, बल्कि यह बिहार और बिहारियों को शर्मसार करता है देश-दुनिया के सामने। ऐसे में बड़ी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है। मेरी मुख्यमंत्री से भी इस बारे में बात हुई है। गाज उन अधिकारियों पर भी गिरे, उन लापरवाह अधिकारियों के ऊपर, जिनकी नाक के नीचे ऐसी शर्मनाक घटनाएं हमारी युवा बच्चियों के साथ हो रही हैं।
‘भारत में यह चिंता का विषय’
वहीं, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की पार्टियों द्वारा महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी पर चिराग पासवान ने कहा कि, भारत जैसे देश में यह यकीनन चिंता का विषय है। लोकतंत्र को मजबूती देना या लोकतंत्र को उसका स्वरूप देने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग के ऊपर ही होती है। ऐसे में अगर चुनाव आयोग किसी भी तरीके के प्रश्नजाल में फंसता है। मैं विपक्ष की बात नहीं कर रहा, मुझे विपक्ष से कोई लेना-देना नहीं। विपक्ष हर विषय पर राजनीति करने के लिए जाना जाता है। लेकिन अगर कहीं जनता में संदेह है, देखिए, चुनाव आयोग पूर्णतः एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। मैं एक राजनीतिक दल होने के नाते एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था का संरक्षण नहीं कर सकता हूं, क्योंकि वह अपने में स्वतंत्र संस्था है। ऐसे में अपना संरक्षण उन्हें खुद ही करना होगा।
चिराग ने कहा कि, अगर विपक्ष को छोड़ दीजिए, लेकिन अगर जनता के बीच में इस तरीके का कोई भ्रम जाता है, चुनाव आयोग या उनकी पारदर्शिता को लेकर, उनकी कार्यशैली को लेकर, मुझे लगता है यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग, खासतौर पर CEC की बनती है कि वह अपनी तरफ से पक्षों को मजबूती से रखें।
हमारे देश में दोहरी नागरिकता का कांसेप्ट नहीं- चिराग
बिहार और यूपी के लोगों को लेकर बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कंपनी के बयान पर चिराग पासवान ने कहा कि, उनका अपना निजी फैसला हो सकता है, पर यह सोच गलत है। भारत एक देश है। दोहरी नागरिकता का कांसेप्ट हमारे देश में नहीं है। ऐसे में हर भारतीय का, भारतीय के पास यह स्वतंत्रता है कि वह देश के किसी भी कोने में जाकर रोजगार अर्जित कर सकता है, अपना व्यवसाय स्थापित कर सकता है। आने वाले दिनों में जो भी देश में बंटवारे की राजनीति की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करेगा, सफलता उनको कभी नहीं मिलेगी।
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