सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखंड अंतर्गत हरिहर गांव से स्वास्थ्य महकमे की भारी लापरवाही और उसे छिपाने की साजिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के ‘हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ (अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में न तो डॉक्टर समय पर आते हैं और न ही मरीजों को इलाज मिलता है। इसका नतीजा यह हुआ कि गरीबों में बांटी जाने वाली लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां रखे-रखे दीमक का निवाला बन गईं।

चोरी-छिपे जलाई दवाइयां

हद तो तब हो गई, जब अपनी इस घोर लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने इन दवाइयों को गुपचुप तरीके से जलाना शुरू कर दिया। हालांकि, जागरूक ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दवा जलाने का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सामने आई तस्वीरों और वायरल वीडियो ने सिस्टम के दावों की पोल खोल कर रख दी है।

एक्सपायरी डेट से पहले ही जलाई दवा

जलाई जा रही दवाइयों की बोतलों पर स्पष्ट रूप से “Bihar Govt. Supply – Not For Sale” अंकित है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इन दवाइयों की एक्सपायरी डेट जुलाई 2026 (07-2026) है। वर्तमान में (मई 2026) ये दवाइयां पूरी तरह से इस्तेमाल के योग्य थीं। लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति और वितरण न होने के कारण, बोरियों में बंद इन दवाइयों में मिट्टी जम गई और दीमक लग गए।

ग्रामीणों ने वीडियो बना किया वायरल

मिली जानकारी के अनुसार, जब बड़े पैमाने पर दवाइयां खराब हो गईं और जांच का डर सताने लगा, तो अस्पताल प्रबंधन ने सबूत मिटाने का सबसे आसान तरीका चुना- ‘आग’। एक्सपायर होने से पहले ही खराब हो चुकी इन दवाइयों को कचरे के भाव फेंकने और जलाने की कोशिश की गई। लेकिन अस्पताल के पीछे दवाइयों को धू-धू कर जलता देख स्थानीय लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने न सिर्फ इस कृत्य का कड़ा विरोध किया, बल्कि इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर वायरल कर दिया।

ये भी पढ़ें- ’24 घंटे के अंदर मिलेगा जवाब’, अपराध और अपराधियों पर CM सम्राट चौधरी का सख्त संदेश