Abhijeet Dipke Bengaluru Protest: कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त यानी सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद बेंगलुरु से जाते वक्त अभिजीत दीपके ने भावुक संदेश साझा किय। अभिजीत दीपके ने शहर में मिले प्यार और अपनापन के लिए आभार जताया। वहीं प्रदर्शन के वक्क एक ऐसा समय भी आया कि एक महिला ने अभिजीत दीपके का माथा चूम लिया। साथ ही गले भी लगा ली। ये महिला दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश की (Gauri Lankesh) बहन कविता लंकेश (Kavitha Lankesh) थी।
दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश ने भी दीपके के प्रति अपनापन जताते हुए कहा कि अगर गौरी आज जिंदा होतीं, तो वह उन्हें अपना दत्तक पुत्र घोषित कर देतीं और उनके साथ खड़ी होतीं।
कविता लंकेश द्वारा माथा चूमने और गले लगाने का फोटो सोशल मीडिया एक्स पर शेयर करते हुए अभिजीत दीपके ने लिखा- बेंगलुरु से दिल में बहुत सारा प्यार लेकर जा रहा हूँ। पिछले दो दिनों में मुझे जो अपनापन, प्यार और अच्छाई मिली है, वह सच में बहुत ज़्यादा है। अपने नए परिवार, कविता लंकेश और ईशा लंकेश को गले लगाना। मैं यहाँ एक अजनबी के तौर पर आया था और एक ऐसे परिवार के साथ जा रहा हूँ जिसके पास मैं बार-बार आऊँगा।
उन्होंने आगे लिखा- @prakashraaj सर और मेरी बड़ी बहन आफरीन नवाज़ को दिल से धन्यवाद कि उन्होंने मुझे बुलाया और बेंगलुरु के ज़बरदस्त प्यार और दरियादिली से मिलवाया। आप सबने मुझे सिर्फ़ खूबसूरत यादें ही नहीं दी हैं। आपने मुझे लौटने के लिए एक घर दिया है।
कविता लंकेश बोलीं- गौरी जिंदा होतीं तो दीपके को बेटा मानतीं
इससे पहले कविता लंकेश ने आठ अक्टूबर को फ्रीडम पार्क से जुड़ी अपनी पोस्ट में अभिजीत दीपके के प्रति स्नेह जताया था। उन्होंने लिखा कि अगर गौरी लंकेश आज जिंदा होतीं, तो वह दीपके को अपना दत्तक पुत्र घोषित कर देतीं और हम सभी के साथ मजबूती से खड़ी होतीं। कविता ने अपने संदेश में प्रदर्शनकारियों के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए दीपके को लगातार सवाल उठाने, चुनौतियों का सामना करने और संघर्ष जारी रखने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, एकजुटता के साथ तुम्हारे साथ हूं, मेरे बेटे। दीपके ने भी अपने संदेश में कहा कि बेंगलुरु के लोगों ने उन्हें सिर्फ खूबसूरत यादें ही नहीं दीं, बल्कि एक ऐसा घर भी दिया है, जहां वह दोबारा लौट सकते हैं।
SIR के विरोध में फ्रीडम पार्क में जुटे थे
इससे पहले गुरुवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR को रद्द करने और कागजी मतपत्रों से मतदान व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर राज्यस्तरीय प्रदर्शन और ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ आयोजित किया गया था। इसमें 2,000 से अधिक प्रदर्शनकारी शामिल हुए। प्रदर्शन का आयोजन प्रगतिशील समूहों और विभिन्न नागरिक संगठनों के गठबंधन ने किया था। इसमें लोकप्रिय यूट्यूबर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी भी शामिल हुए। बताया गया कि यह भारत में किसी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में उनकी पहली भागीदारी थी। कार्यक्रम में अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज, वरिष्ठ लेखक देवनूर महादेव समेत बड़ी संख्या में जेन-जी और युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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