कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका (Ashutosh Ranka) ने NEET परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर देशभर में छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। रंका ने NEET विवाद की तुलना ‘टाइम बम’ से करते हुए कहा कि लोगों का असंतोष अब केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhaan) के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं रहने वाला है। उनके अनुसार, छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर व्यापक जवाबदेही तय किए जाने की मांग लगातार तेज हो रही है।
सरकार जितना इंतजार करेगी, गुस्सा उतना बढ़ेगा
इंडिया टुडे से बातचीत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने NEET विवाद को लेकर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे लंबे समय तक टालना संभव नहीं है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। रंका ने कहा, “यह एक टाइम बम की तरह है। यह ऐसा मामला नहीं है जिसे हफ्तों या महीनों तक टाला जा सके, क्योंकि पूरे देश में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि, “आप जितना इंतजार करेंगे, असंतोष और गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। अब यह गुस्सा तेजी से प्रधानमंत्री की ओर मुड़ रहा है। सरकार को यह समझना होगा कि बहुत जल्द यह बात सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं रहेगी।”
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के अलावा प्रदर्शनकारी दो अन्य प्रमुख मांगों को लेकर भी आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामलों को वापस लिया जाए। रंका ने दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के दौरान इन दोनों मांगों पर ‘सैद्धांतिक सहमति’ बन गई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। CJP प्रवक्ता के अनुसार, सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाए जाने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उनका दावा है कि प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।
पीएम मोदी को कार्रवाई करने में 2 महीने क्यों लगे?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने गंभीर मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया काफी देर से आई। रंका ने कहा कि, “पहले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को प्रतिक्रिया देने में 45 दिन लग गए। NEET पेपर लीक की घटना के लगभग दो महीने बाद प्रधानमंत्री सक्रिय हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार इस मामले को गंभीर मानती थी, तो शुरुआती चरण में ही ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।
बिना इस्तीफे के सिस्टम में सुधार पर चर्चा संभव नहीं
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि प्रदर्शनकारी केवल तत्काल कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और व्यापक संस्थागत सुधार भी चाहते हैं। रंका के अनुसार, “हम परीक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार चाहते हैं, लेकिन जब तक शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उस व्यक्ति के पास है, जिसे हम मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार मानते हैं, तब तक सुधारों पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि CJP का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पहले जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। उनके मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग इसी जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा है और इस पर संगठन कोई समझौता नहीं करेगा।
यह अब सिर्फ CJP का आंदोलन नहीं रहा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने दावा किया कि NEET विवाद को लेकर शुरू हुआ विरोध अब केवल उनकी पार्टी तक सीमित नहीं रह गया है। उनके अनुसार, यह आंदोलन अब व्यापक जनसमर्थन हासिल कर चुका है और देश के विभिन्न हिस्सों में लोग इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं। रंका ने कहा कि, “यह अब सिर्फ CJP का आंदोलन नहीं रहा, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुका है। देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और लोगों का बढ़ता असंतोष सरकार के प्रति दिखाई दे रहा है।”
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