हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐसा बयान दिया है जिसने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा की जीत को लेकर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएगी कहां?
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों अपने-अपने गणित लगा रहे हैं। जब उनसे तीसरी सीट को लेकर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएगी कहां?” मुख्यमंत्री का यह जवाब भले ही मज़ाकिया अंदाज में था, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के दावों पर भी तंज कसते हुए संकेत दिए कि भाजपा को अपने विधायकों और संगठन की ताकत पर पूरा भरोसा है। उन्होंने साफ संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह की चुनौती को लेकर चिंतित नहीं है और पार्टी का गणित पूरी तरह मजबूत है। भाजपा जहां तीसरी सीट को लेकर आत्मविश्वास से भरी दिखाई दे रही है। वहीं विपक्ष लगातार संख्या बल और समीकरणों के आधार पर अपनी संभावनाएं तलाश रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

