हरियाणा के नांगल चौधरी क्षेत्र में मुख्यमंत्री फ्लाइंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच में ज्यादातर केंद्र बंद और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

गुलशन कुमार, महेंद्रगढ़। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गुरुवार को उस समय बड़े सवाल खड़े हो गए, जब मुख्यमंत्री फ्लाइंग और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने नांगल चौधरी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। इस विशेष कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने इलाके के लगभग 14 अलग-अलग आंगनवाड़ी केंद्रों का अचानक दौरा किया, जहां तकरीबन सभी केंद्र बंद पाए गए। इसके अलावा जब टीम स्थानीय बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय में जांच के लिए पहुंची, तो वहां भी प्रशासनिक लापरवाही देखने को मिली और करीब 4 से 5 मुख्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी से पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए।

रिकॉर्ड और उपस्थिति जांच में बाधा

जांच दल ने विभिन्न केंद्रों पर औचक पहुंचकर वहां के आधिकारिक रिकॉर्ड और कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति की बारीकी से जांच करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश केंद्र बंद होने के कारण कई महत्वपूर्ण जानकारियां मौके पर उपलब्ध नहीं हो सकीं। इस अचानक हुई छापेमारी की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में आंगनवाड़ी सेवाओं की प्रशासनिक निगरानी, सुरक्षा और कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि यदि यह आंगनवाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं होते हैं, तो इसका सीधा और विपरीत असर गरीब बच्चों के पोषण, जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली आवश्यक सरकारी सुविधाओं पर पड़ता है।

दोषियों पर होगी सख्त विभागीय कार्रवाई

आंगनवाड़ी केंद्र मुख्य रूप से एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किए जाते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह वर्ष तक के मासूम बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी जरूरी सेवाएं प्रदान करना है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, पूरक पोषण, टेक-होम राशन और नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग के साथ जरूरी समन्वय करना होता है। मुख्यमंत्री फ्लाइंग और गुप्तचर विभाग की इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई के बाद संबंधित बाल विकास विभाग में भारी हड़कंप मच गया है और अब जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।