राजधानी दिल्ली में बेघर और बेसहारा लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने ‘अपना घर आश्रम’ और दिल्ली सरकार की संयुक्त पहल के तहत कई एम्बुलेंस और वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य सड़क पर रहने वाले बेघर और बीमार लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना और उन्हें सुरक्षित आश्रय देना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि शहर में ऐसे कई लोग हैं जो बिना किसी सहारे के सड़कों पर जीवन जी रहे हैं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इस योजना के माध्यम से उन्हें न केवल इलाज मिलेगा, बल्कि रहने की भी उचित व्यवस्था की जाएगी।

सरकार और ‘अपना घर आश्रम’ की इस संयुक्त पहल के तहत टीमें शहर में घूमकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगी, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता या आश्रय की आवश्यकता है। इसके बाद उन्हें नजदीकी आश्रय स्थलों या अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा। सरकार ने ‘अपना आश्रम’ के सहयोग से एम्बुलेंस और वैन की शुरुआत की है, जिनके जरिए शहर में रह रहे बेघर और बीमार लोगों को रेस्क्यू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज हमने ‘अपना आश्रम’ से एम्बुलेंस और वैन रवाना की है, जिनके माध्यम से शहर के बेघर और बीमार लोगों को बचाया जाएगा और आश्रम लाया जाएगा। वहां उनका इलाज और देखभाल की जाएगी।”

सरकार बालिग होने पर भी अनाथों का थामेगी हाथ

मुख्यमंत्री ने ‘मदर्स डे’ के अवसर पर सामाजिक योजना की घोषणा की है। इस योजना का नाम ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ रखा गया है, जिसके तहत सरकार उन अनाथ बच्चों को सहायता देगी जो 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद संस्थागत देखभाल से बाहर निकलते हैं। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और मासिक स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें। सरकार का उद्देश्य उन युवाओं को मजबूत सहारा देना है, जो ‘आफ्टरकेयर होम्स’ से बाहर आने के बाद अकेले जीवन शुरू करते हैं और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। इस योजना के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में 3.5 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उनका भविष्य सुरक्षित, गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर हो। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा वातावरण बनाना चाहती है जिसमें कोई भी बच्चा या युवा कभी खुद को अकेला, असहाय या उपेक्षित महसूस न करे।

मुख्यमंत्री ने रविवार को ‘मदर्स डे’ के अवसर पर लाजपत नगर स्थित ‘विलेज कॉटेज होम’ का दौरा किया, जहां उन्होंने छोटे बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस कॉटेज होम में मुख्यमंत्री ने बच्चों से बेहद आत्मीयता के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में 88 चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशंस (CCI) कार्यरत हैं, जिन्हें सरकार और विभिन्न एनजीओ मिलकर संचालित कर रहे हैं। इन संस्थानों में 18 वर्ष तक के बच्चों को देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास और आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।

हालांकि, 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद इन युवाओं को आगे की पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए यह नई योजना तैयार की गई है। सरकार की इस ‘आफ्टरकेयर स्कीम’ का उद्देश्य इन युवाओं को संस्थागत देखभाल से बाहर आने के बाद भी निरंतर सहायता देना है, ताकि वे शिक्षा जारी रख सकें, कौशल विकसित कर सकें और रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें।

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