विजय कुमार/जमुई। बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह की 16वीं पुण्यतिथि पर आज उन्हें प्रदेश भर में याद किया गया। जमुई जिले के नया गांव स्थित नागी-नकटी-कटहरा नदी तट पर बने उनके समाधि स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विशेष रूप से उपस्थित हुए और स्व. सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विकास पुरुष के रूप में याद किए गए दादा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने स्व. दिग्विजय सिंह के राजनीतिक सफर और उनके व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्हें न केवल बांका का पूर्व सांसद बल्कि एक ऐसे जननेता के रूप में याद किया गया, जिनका पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित था। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए नेताओं ने कहा कि उनका निधन बिहार की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति थी।




राजनीतिक दिग्गजों की रही उपस्थिति
इस भावुक मौके पर स्व. दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी एवं पूर्व सांसद पुतुल कुमारी और उनकी सुपुत्री, बिहार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयशी सिंह भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि पहुंचे। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह और परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
जनसेवा की विरासत का स्मरण
इस कार्यक्रम में जमुई के सांसद अरुण भारती और पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह के साथ-साथ बड़ी संख्या में विधायक, विधान पार्षद और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 24 जून 2010 को जब स्व. दिग्विजय सिंह का निधन हुआ था, तब न केवल बांका बल्कि पूरे बिहार ने एक ओजस्वी नेता को खो दिया था। आज की सभा में उपस्थित जनसमूह और समर्थकों ने उनके पदचिह्नों पर चलने और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। पूरा माहौल ‘दादा’ (दिग्विजय सिंह) के प्रति कृतज्ञता और भावुकता से भरा रहा।

