पटना। बिहार सरकार की पहल पर मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में राज्यस्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में राज्यभर के विभिन्न जिलों से लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का एक ही छत के नीचे तुरंत और प्रभावी समाधान करना है।
जमीन विवाद और अतिक्रमण के मामले सबसे ज्यादा
कार्यक्रम में आए फरियादियों में से अधिकांश लोग जमीन विवाद, अवैध कब्जे और रास्तों से जुड़ी समस्याओं से परेशान थे। कटिहार के राजू ने बताया कि उनकी जमीन पर रास्ता न मिलने और अतिक्रमण की शिकायत उन्होंने 2022 से ही जिलाधिकारी, अंचलाधिकारी (CO) और SDO को दे रखी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद उन्हें न्याय का आश्वासन मिला और वे संतुष्ट नजर आए।
परेशान जनता को मिला आश्वासन
स्थानीय स्तर पर अंचलाधिकारी और बीडीओ के चक्कर काटकर थक चुके लोगों को मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने से नई उम्मीद जगी है। रामप्यारे नामक फरियादी ने बताया कि CO स्तर से रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो रहा था, लेकिन यहां आकर उन्हें रास्ता दिलवाने का ठोस आश्वासन मिला है।
विभागों में समन्वय से दूर होंगी प्रशासनिक अड़चनें
भोजपुर के भरत की 400 मीटर ग्रामीण सड़क का काम नहर विभाग से NOC न मिलने के कारण अटका हुआ था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद संबंधित विभाग खुद उनके दरवाजे पर पहुंचा। भोजपुर जिलाधिकारी ने एक महीने के भीतर सड़क निर्माण पूरा कराने का भरोसा दिया है।
एक छत के नीचे समाधान से फरियादी संतुष्ट
जमीन का रकबा 2.5 से घटकर 2.4 हो जाने से परेशान सुषमा सिंह ने बताया कि कई दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद उन्हें सहयोग पोर्टल की जानकारी मिली। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनकी समस्या का समाधान होने का रास्ता साफ हो गया है। फरियादियों ने इस कार्यक्रम को बेहद जनहितैषी बताया।

