शिवम मिश्रा, रायपुर। नक्सलियों की डंप राशि के गबन के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम साय ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है। अगर गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, मार्च-अप्रैल माह में कांकेर जिले के मुरागांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के दौरान टोंडेमरका और मरमाकोनारी में पुलिस टीम को करीब 20 लाख रुपये नगदी मिली थी। आरोप है कि बरामद रकम को नियमानुसार सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया। मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद प्राथमिक जांच कराई गई।

एसपी ने उच्च अधिकारियों को भेजी जांच रिपोर्ट

पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा ने बताया कि थाना आमाबेड़ा और थाना कांकेर क्षेत्र के टोंडामरका और मरमाकोनारी गांवों से नक्सली डंप से बरामद लाखों रुपये के गबन की जानकारी मिली है। एक स्थान से करीब 15 लाख और दूसरे स्थान से करीब 5 लाख रुपये बरामद हुए थे। इस मामले की जांच की जा रही है और आगे की जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

बताया जा रहा है कि दोनों मामलों की प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट अगस्त में उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब आगे के निर्देश का इंतजार है। हालांकि, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं की गई है।

दोनों तत्कालीन डीएसपी का हो चुका है तबादला

सूत्रों के अनुसार, दोनों तत्कालीन डीएसपी अपनी टीम के साथ संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्चिंग पर गए थे। इसी दौरान माओवादी डंप से नकदी बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस की आंतरिक जांच में बरामद रकम के बंटवारे के आरोपों को लेकर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जून-जुलाई में दोनों डीएसपी का तबादला कोरबा और दंतेवाड़ा किया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक, आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान भी इस मामले से जुड़ी कुछ जानकारी सामने आने की चर्चा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

संवेदनशील इलाके में अकेले सर्चिंग पर भी सवाल

मामले में दोनों डीएसपी के आमाबेड़ा क्षेत्र में अकेले सर्चिंग पर जाने की शिकायत भी सामने आने की बात कही जा रही है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्चिंग के दौरान सामान्यतः पुलिस और बीडीएस टीम के साथ अभियान चलाया जाता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में आईईडी और अन्य विस्फोटकों का खतरा बना रहता है।

फिलहाल करीब 20 लाख रुपये की बरामदगी और कथित गबन से जुड़े दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के पास है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर सबकी नजरें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टिकी हैं।

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