मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावन के पहले सोमवार को जनता दर्शन आयोजित कर प्रदेश भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने लापरवाह पुलिस कप्तानों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
सतीश सिंह, लखनऊ। सावन के पहले सोमवार को धार्मिक अनुष्ठानों और उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए सुबह ‘जनता दर्शन’ आयोजित किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
पुलिस और कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों से पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, वहां संबंधित पुलिस कप्तानों की जवाबदेही तय की जाए।

गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी समाधान के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। प्रत्येक पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उसकी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतोषजनक होना चाहिए।

राजस्व और पारिवारिक विवादों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। पारिवारिक विवादों के मामलों में उन्होंने पहले आपसी संवाद और समझौते के प्रयास करने तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सावन के पहले सोमवार पर धार्मिक कार्यक्रमों और विधानसभा की जिम्मेदारियों के बावजूद मुख्यमंत्री का जनता दर्शन आयोजित करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किए हुए है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोहराया कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।


