मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है. यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. रेलवे परिसरों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए.

रेलवे ट्रैक और ट्रेन सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने रेलवे परिसरों और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए.

इसे भी पढ़ें : कान खोलकर सुन लो! गोंडा में योगी की चेतावनी, कहा- रंग में भंग डाला तो वर्तमान के साथ भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि त्योहारों, बड़े आयोजनों, भर्ती परीक्षाओं और विशेष अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. प्रवेश और निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाओं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए निर्देश दिए कि रेलवे नेटवर्क में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए.

मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. अभियोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों को त्वरित और प्रभावी दंड सुनिश्चित किया जाए. वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अभी से व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने और संबंधित जनपदों और एजेंसियों के बीच समयबद्ध समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.