शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरी तरह कमर कस ली है। इसी कड़ी में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतदाता सूची को अपडेट करने और छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

युवा मतदाताओं के पंजीयन पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेशभर में मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आयोग का मुख्य फोकस उन युवाओं के पंजीयन पर है, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने जा रहे हैं (नए युवा मतदाता)।

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नाम जुड़वाने की प्रक्रिया हुई और आसान

नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया को सरल बना दिया है।
फॉर्म-6 से होगा आवेदन: मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए पात्र नागरिकों को केवल फॉर्म-6 भरना होगा।
घोषणा-पत्र की अनिवार्यता समाप्त: राहत भरी खबर यह है कि अब फॉर्म-6 के साथ अलग से कोई घोषणा-पत्र (Declaration Form) जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक आसान हो गई है।

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राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश

बीएलए (BLA) का सहयोग: निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के माध्यम से मतदाता सूची को दुरुस्त करने और अधिक से अधिक पात्र लोगों के नाम जुड़वाने में सहयोग करें। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टर) और तहसील स्तर पर एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे जनता और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को हरसंभव सहायता प्रदान करें। निर्वाचन आयोग के इस विशेष अभियान से कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।

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