हजारीबाग। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को हजारीबाग समाहरणालय परिसर में ‘लोकतंत्र बचाओ-छात्र न्याय आंदोलन’ के तहत एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्र-युवाओं की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया और विपक्षी नेताओं, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस सांसदों व कार्यकर्ताओं के साथ भी कठोर रवैया अपनाया गया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों पर कथित बर्बर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

धरना के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्र-युवाओं के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।