कुरुक्षेत्र में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोका और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कुरुक्षेत्र। नीट (NEET) परीक्षाओं में पेपर लीक के गंभीर मामले को लेकर जिले में आज कांग्रेस ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास का घेराव करने पहुंचे थे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान चिब और थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से इस्तीफा देना चाहिए। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सीएम आवास से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी, जिसे पार करने की कोशिश करते ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर दिया।

दीपेंद्र हुड्डा ने दी गिरफ्तारी की चेतावनी
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों की सामूहिक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे देश के युवाओं में भारी आक्रोश है। हुड्डा ने युवाओं की आवाज को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुँचाने के संकल्प को दोहराया। इस दौरान उन्होंने अन्य पार्टियों के प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि उन्हें जंतर-मंतर पर अनुमति मिल जाती है, जबकि कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान चिब ने तीखे लहजे में कहा कि देश में बड़े पैमाने पर पेपर लीक हो रहे हैं और छात्रों के भविष्य को पैसों के लालच में बेचा जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करें। वहीं, स्थानीय विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र मुख्यमंत्री का गृह जिला है, इसलिए युवा यहां अपनी बात रखने आए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार युवाओं को रोकने के बजाय उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से सीएम आवास तक जाने दे। नेताओं ने कहा कि पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होने तक यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में जारी रहेगा।


