हकीमुद्दीन नासिर, महासमुंद। जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां बच्चों को पढ़ाने के लिए संचालित जर्जर स्कूल भवन में अब शिक्षक भी सुरक्षित नहीं हैं। बागबाहरा विकासखंड के ग्राम हरनादादर स्थित शंकरपारा प्राथमिक शाला में छत पर लगा पंखा अचानक प्रधानपाठक के ऊपर गिर गया। हादसे में शिक्षक के सिर और नाक पर चोट आई है, जिन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद आनन-फानन में स्कूल के बच्चों को पास के आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट किया गया। अब सवाल उठ रहा है कि जब स्कूल भवन जर्जर था तो आखिर वहां बच्चों को क्यों पढ़ाया जा रहा?।
स्कूल भवन की जर्जर हालत बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। तीन कमरों के इस स्कूल भवन की हालत काफी खराब बताई जा रही है। इसके बावजूद कक्षा पहली से पांचवीं तक के 18 बच्चों की पढ़ाई इसी भवन में कराई जा रही थी। इसी दौरान स्कूल की छत पर लगा पंखा अचानक प्रधानपाठक टीकमचंद निषाद के ऊपर गिर गया। हादसे में उनके सिर और नाक पर चोट आई है।


बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में किया गया शिफ्ट
घायल शिक्षक को तत्काल बागबाहरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बच्चा इसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन घटना ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। हादसे के बाद जिम्मेदारों की नींद खुली और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आनन-फानन में पास के आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा – जांच कराएंगे
अब सवाल उठता है कि जब भवन की जर्जर हालत की जानकारी पहले से ही थी तो किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा था? क्या बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया? फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी ने जर्जर भवन में स्कूल संचालन को लेकर जांच कराने की बात कही है, लेकिन इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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