राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। बहुचर्चित कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह के विवादित टिप्पणी मामला केंद्रीय नेतृत्व के पाले में आ गया है। विजय शाह के मामले में अब बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व ही फैसला करेगा। मामले को लेकर प्रदेश संगठन केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करेगा। केंद्रीय नेतृत्व के दिशा-निर्देश के बाद ही फैसला हो सकेगा। फिलहाल मुकदमे की मंजूरी को लेकर असमंजस बरकरार है।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर के बाद मामला गंभीर
सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर के बाद मामला गंभीर हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल मप्र सरकार ने एसआईटी को विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भी विजय शाह की टिप्पणी को आपत्तिजनक माना गया है। एसआईटी ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को एआई जनरेटेड नहीं बल्कि असली माना है। एसआईटी ने सरकार से अभियोजन की अनुमति मांगी है। मुकदमे की अनुमति मिली तो विजय शाह पर मंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ सकता है। शाह मप्र में आदिवासी समुदाय का बड़ा चेहरा हैं।
आदिवासी सीटों का यह है गणित
47 अजजा सीटों में से 24 भाजपा के पास
प्रदेश की कुल 47 अनुसूचित जनजाति सीटों में से 24 सीटें भाजपा के पास
22 कांग्रेस को और एक भारत आदिवासी पार्टी के पास
प्रदेश की कुल जनसंख्या की 22 प्रतिशत आबादी है आदिवासी वर्ग की
प्रदेश की करीब 80 विधानसभा सीटों पर है आदिवासी वर्ग का प्रभाव
केंद्रीय नेतृत्व से आया संगठन के पास फरमान
विजय शाह मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया जारी नहीं करने का फरमान आया है। केंद्र से आए निर्देशों के बाद विजय शाह मामले में बीजेपी ने दूरी बना ली है। विजय शाह मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से दूरी बनाई है।

