Dharm Desk – हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन,बसमृद्धि और वैभव की देवी माना गया है। लेकिन बहुत बार हम जाने-अनजाने में अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसी गलतियां या आदतें पाल लेते हैं, जो लक्ष्मीजी को बिल्कुल पसंद नहीं आतीं। शास्त्रों में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि लक्ष्मीजी सिर्फ उसी घर में वास करती हैं जहां स्वच्छता, शांति और सकारात्मकता हो। अगर आपके घर में अकारण ही पैसों की तंगी बनी रहती है या कमाया हुआ पैसा पानी की तरह बह जाता है, तो संभव है कि आपकी कुछ आदतें इसके पीछे की वहज हों। आइए जानते हैं कि वे कौन-सी आदतें हैं, जिन्हें लक्ष्मीजी सख्त नापसंद करती हैं।

- सूर्योदय के बाद तक सोते रहना
शास्त्रों के अनुसार जो लोग सुबह सूर्योदय के बहुत देर बाद तक सोते रहते है उनसे माता लक्ष्मी हमेशा रुष्ट रहती हैं। ब्रह्म मुहूर्त में उठना और दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ करना शुभ माना जाता है। बेवजह का आलस्य और दिनभर सुस्त पड़े रहने की आदत घर में नकारात्मकता लाती है, जिससे घर में दरिद्रता पांव पसारने लगती है।
- घर और किचन में गंदगी बिखेर कर रखना
कहते हैं कि ‘सफाई में ही ईश्वर का वास होता है’। जिन घरों में गंदगी फैली रहती है, झाड़ू का अनादर होता है या रात को को किचन में झूठे बर्तन छोड़कर सो जाने की आदत होती है।वहां देवी लक्ष्मी कभी नहीं ठहरतीं। खास तौर पर शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आग्नेय कोण (किचन) में अंधेरा या गंदगी होना बड़े वास्तु दोष का कारण बनता है।
- भोजन और आ अनाज का अपमान
अन्न को ‘पूर्ण ब्रह्म’ माना गया है। थाली में खाना छोड़कर फेंक देना भोजन की बुराई करना या खाते समय बात-बात पर गुस्सा करना सीधे तौर पर माता अन्नपूर्णा और देवी लक्ष्मी का अपमान है। जिस घर में अनाज की कद्र नहीं होती, वहां धीरे-धीरे कंगाली आने लगती है।
- घर की औरतों और मेहमान का अनादर
मां लक्ष्मी को ‘गृहलक्ष्मी’ के रूप में भी पूजा जाता है। जिस घर में स्त्रियों, माता-पिता या वृद्ध जनों का अपमान होता है, जहां बात-बात पर गाली-गलौज और क्लेश का माहौल रहता है। वहां कभी बरकत नहीं हो सकती है। आपसी कलह और अशांति माता लक्ष्मी आप दे दूर करने का सबसे बड़ा कारण है।
- शाम के समय दान-पुण्य न करना
पुराणों के मुताबिक, गोधूलि वेला यानी शाम के समय सोना या उस वक्त खाना खाने को अशुभ माना जाता है। इसके साथ ही अपनी सामर्थ्य कोने पर भी जरूरत मंदों की मदद न करना और मन में बहुत अधिक लालच या कपट रखना भी धन हानि का कारण बनता है।


