चंडीगढ़ में तीन दिवसीय CPA नॉर्थ जोन सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित देश भर के विधायक विकसित भारत और AI जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) इंडिया रीजन जोन-2 का महत्वपूर्ण सम्मेलन 8 से 10 जून तक चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण सहित देश के 15 विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, उप-पीठासीन अधिकारी और विधायक भाग लेंगे।

उद्घाटन सत्र में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण स्वागत संबोधन देंगे। इस दौरान हरियाणा के इतिहास पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। शाम को टैगोर थिएटर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें संविधान और भारत की सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की जाएगी।

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के अनुसार सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन 9 जून को तीन प्रमुख सत्र आयोजित होंगे, जिनका मुख्य विषय ‘विकसित भारत-2047 के लक्ष्य एवं भविष्य की चुनौतियों को साकार करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ रहेगा। इस दौरान विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधि, संसदीय विशेषज्ञ और नीति निर्माता अपने विचार साझा करेंगे।

सम्मेलन में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मानवाधिकार; विधायी निकायों के समक्ष चुनौतियां’ विषय पर भी विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (HIPA) के महानिदेशक मनोज यादव इस विषय पर विस्तार से जानकारी देंगे। यह सत्र तकनीकी बदलावों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने उभरती चुनौतियों पर अहम चर्चा का मंच बनेगा।

समापन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने, विधायी प्रक्रियाओं को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य में विधानमंडलों की भूमिका पर व्यापक मंथन किया जाएगा।