अजय सैनी, भिवानी। देश में आए दिन बढ़ रहे पैट्रोल व डीजल के दामों को वापिस लेने की मांग को लेकर सीपीआईएम द्वारा हाथों में झंडे-बैनर लेकर भिवानी के विभिन्न चौराहों से होते हुए विरोध प्रदर्शन कर ईंधन के दामों को वापिस लेने की मांग की गई तथा लघु सचिवालय के नाम प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

सीपीआईएम नेता कामरेड ओमप्रकाश व मास्टर वजीर घणघस ने कहा कि जिस प्रकार देश में पैट्रोल-डीजल व गैस के दाम बढ़े है। उसका अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। ईंधन के दाम बढऩे से अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे, परिवहन महंगा होगा, इससे लोगों की क्रय क्षमता घटेगी। जिससे बेरोजगारी व महंगाई में बढ़ोत्तरी होगी। ऐसे में ईंधन के दामों को कम किया जाना चाहिए। ताकि देश की अर्थव्यवस्था बची रहे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार ने 75 लाख करोड़ के विभिन्न टैक्स इक_े किए है। अब पैट्रोल-डीजल पर एक्साईज ड्यूटी बढ़ा दी। ऐसे में सरकार पैट्रोल कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है। जिस समय क्रूड ऑयल के दाम सस्ते थे, तब भी पैट्रोल व डीजल के दामों को कम नहीं किया गया। ऐसे में उनक मांग है कि पैट्रोल-डीजल के दामों को कम किया जाए, ताकि आमजन को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सकें तथा उन पर महंगाई की मार ना पड़े।

सीपीआईएम नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी विदेशी नीति सही नहीं है। क्योंकि जब विश्व स्तर पर युद्ध शुरू हुआ तब भारत की जिम्मेवारी बनती थी कि वह ब्रिक्स व शंघाई संगठन में युद्ध समाप्त करने को लेकर अपनी भूमिका निभाता तथा वैश्विक स्तर पर ईंधन की समस्या नहीं बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद हैदराबाद व बड़ोदरा में पैट्रोल-डीजल कम खर्च करने, सोना ना खरीदने तथा तेल से बनने वाले खाने वाले पदार्थो का प्रयोग कम करने की बात कहकर खुद विदेश चले जाते है। ऐसे में उनकी मांग है कि देश के नागरिकों को महंगाई से राहत दी जानी चाहिए।