विकास कुमार, सहरसा। एसआईआर और दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्ति व असहमति की रिपोर्ट वाली खबर को लेकर पूरा विपक्ष चुनाव आयोग पर हमलावर है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगा रहा है।

इस बीच आज गुरुवार (24 सितंबर) को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPIM की जिला कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला गया। शारदा नगर, बटराहा स्थित पार्टी कार्यालय से निकला मार्च शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए शहीद चौक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

इसके बाद पार्टी नेता मिथिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में चल रहे नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए पार्टी राज्य सचिव मंडल सदस्य सह सहरसा पार्टी जिला सचिव का. रणधीर यादव ने कहा कि, द इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य पेज पर छपे न्यूज ने जो सच्चाई देश के सामने रखा उससे प्रतीत होता है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR कराकर देश के लोकतंत्र की हत्या की है।

उन्होंने कहा कि, तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में दो आयुक्त की बैगर सलाह मशविरा की मनमानी ढ़ंग से सारे कार्यों को अंजाम दिया गया है। जिसमें देश के करोड़ों मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया और संविधान की धज्जियां उड़ाते फार्म-6 में छेड़छाड़ कर मनमाफिक मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल कर बीजेपी के लिए काम किया गया। विपक्ष के लाख विरोध के बाद ये सब होता रहा। यह लोकतंत्र का चीरहरण है।

पार्टी जिला सचिव का. रणधीर यादव ने आक्रोश भरे लहजे में कहा कि SIR पर रोक लगाते अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर राष्ट्र द्रोह का मुकादमा कर जेल नहीं भेजा गया तो सीपीएम लोकतंत्र के ऐसे हत्यारे के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध तरीका से तीखा और बड़ा से बड़ा आंदोलन करेगी।

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