दिल्ली के कश्मीरी गेट बस गैंगरेप मामले में पुलिस को जांच के दौरान अहम फोरेंसिक सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय बस में लगा CCTV कैमरा काम नहीं कर रहा था। जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपियों ने इसी स्थिति का फायदा उठाया। पुलिस जांच में बस के अंदर से पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं। पुलिस के अनुसार, इन फोरेंसिक साक्ष्यों से घटना के समय तीनों की बस में मौजूदगी की पुष्टि हुई है। CCTV काम नहीं करने के कारण जांच में फिंगरप्रिंट समेत अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है।

घटना के वक्त बंद था बस का CCTV कैमरा

मामला 4 अगस्त का है, जब एक युवती ने नोएडा के परी चौक से इसी बस में लिफ्ट लेकर सफर शुरू किया था। आरोप है कि सफर के दौरान उसके साथ गैंगरेप की वारदात हुई। मामले की जांच में पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर उसकी गहन फोरेंसिक जांच कराई। जांच के दौरान पता चला कि घटना के समय बस में लगा CCTV कैमरा काम नहीं कर रहा था। ऐसे में वारदात का कोई वीडियो रिकॉर्ड नहीं हो पाया। पुलिस को शक है कि आरोपियों को पहले से कैमरे के खराब होने की जानकारी थी और उन्होंने इसी स्थिति का फायदा उठाया।

बस से मिले फिंगरप्रिंट भी अहम सबूत

फोरेंसिक जांच में बस के अंदर से पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इन साक्ष्यों से घटना के समय तीनों की बस में मौजूदगी की पुष्टि करने में मदद मिली है। CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण फिंगरप्रिंट समेत अन्य फोरेंसिक साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

जल्द दाखिल हो सकती है चार्जशीट

पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच पूरी करने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को केस का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

बस में मिले पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट

फोरेंसिक टीम ने बस के अंदर से अलग-अलग जगहों पर फिंगरप्रिंट के नमूने लिए थे। पुलिस के मुताबिक, इनकी जांच में पीड़िता के साथ दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट भी बस में मिले। इससे पुलिस को घटना के समय आरोपियों के बस में मौजूद होने की पुष्टि करने में मदद मिली है।

ड्राइवर-कंडक्टर के कपड़े भी जब्त

पुलिस ने बस के ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के कपड़े भी जब्त किए हैं। इनके अलावा बस की सीटों और स्टीयरिंग व्हील से भी फोरेंसिक नमूने लिए गए हैं। इन सैंपल की जांच अभी जारी है। पुलिस इनसे मिलने वाले साक्ष्यों को केस की जांच में शामिल कर रही है।

CCTV खराब होने से नहीं मिला वीडियो सबूत

जांच में सामने आया कि वारदात के वक्त बस में लगा CCTV कैमरा काम नहीं कर रहा था। ऐसे में घटना का कोई वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पाया। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों को CCTV के खराब होने की जानकारी थी और उन्होंने इसका फायदा उठाया।

DNA रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस के मुताबिक, अब DNA रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में इसे महत्वपूर्ण फोरेंसिक साक्ष्य माना जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों की भूमिका से जुड़े पहलुओं को और स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m