Business Desk – Crypto Exchanges vs Banks : अमेरिका का एक प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase Global Inc है. इन्होंने बताया कि स्टेबलकॉइन यील्ड से जुड़े एक अहम प्रावधान पर सहमति बन गई है. इस घटनाक्रम से अमेरिकी सीनेट में क्रिप्टो कानून को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है.

इस साल की शुरुआत में यह कानून इसलिए अटक गया था, क्योंकि इस बात पर विवाद था कि क्या क्रिप्टो एक्सचेंजों को ग्राहकों को स्टेबलकॉइन रखने के बदले इनाम देने की अनुमति मिलनी चाहिए. बैंकों ने ऐसे इनामों पर रोक लगाने की जोरदार वकालत की थी. उनका तर्क था कि इससे पारंपरिक बैंकिंग संस्थानों से बड़े पैमाने पर पैसे निकाले जा सकते हैं.

क्रिप्टो एक्सचेंज बनाम बैंक, क्या थी सहमति?

Coinbase के मुख्य नीति अधिकारी, Faryar Shirzad ने बताया कि भले ही बैंक इनामों पर कड़ी पाबंदियां लगाने में आखिरकार कामयाब रहे, लेकिन क्रिप्टो एक्सचेंजों ने वह हासिल कर लिया जो सचमुच मायने रखता है. अमेरिकियों को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और नेटवर्क की वास्तविक उपयोगिता के आधार पर इनाम कमाने की क्षमता. Shirzad ने ये बातें X (पहले Twitter) पर साझा कीं.

इस सहमति के बाद, यह कानून जो क्रिप्टो बाजार के ढांचागत स्वरूप से संबंधित है. अब सीनेट बैंकिंग समिति में वोटिंग के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है. इस बिल का उद्देश्य डिजिटल एसेट इकोसिस्टम के विभिन्न हिस्सों पर SEC (Securities and Exchange Commission) और Commodity Futures Trading Commission के नियामक अधिकार को स्पष्ट करना है.

जनवरी में अटक गया था बिल

इस साल की शुरुआत में एक क्रिप्टो बिल जिसे “Clarity Act” नाम दिया गया था. वोटिंग के लिए पेश करने की कोशिश की गई थी. हालांकि, वह कोशिश नाकाम रही, क्योंकि उस समय Coinbase के CEO Brian Armstrong ने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी थी कि उनकी कंपनी इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी.

तब से, व्हाइट हाउस बैंकों और क्रिप्टो कंपनियों के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उद्योग की सभी चिंताएं पूरी तरह से हल हो गई हैं. हालांकि, Shirzad ने शुक्रवार को बताया कि कई मोर्चों पर काफी प्रगति हुई है. Armstrong ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है.