बदायूं. अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा, छात्र-नौजवानों की ताकत के सामने भाजपा की अहंकारी सरकार को झुकना पड़ा. प्रधानमंत्री को बचाने के लिए मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे के बाद भाजपा सांसदों ने राहत की सांस ली. विपक्ष चाहता है कि सरकार दिल्ली में छात्रों-नौजवानों पर हुई बर्बरता पर संसद में बयान दे. छात्रों-नौजवानों पर लाठियां चली, पैलेट गन चला, कील लगी लाठियां मारी गई. छात्रों को पता है लाठियां कहां से चली, लेकिन चलाने वालों को नहीं पता है कि किसके आदेश से लाठी और गोली चली.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा सरकार ने छात्रों पर अत्याचार किया. भाजपा के लोग अलोकतांत्रिक है. छात्रों पर लाठी, गोली चलाना, सिर फोड़ना, घायल करना और बेटियों के कपड़े फाड़ना बर्बरता है. भाजपा नकारात्मक राजनीति करती है. छात्रों-नौजवानों के प्रति भाजपा सरकार की नीयत साफ नहीं है. उत्तर प्रदेश में जबसे भाजपा सरकार आयी है 20 से ज्यादा पेपर लीक हुए है. भाजपा सरकार ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार ने उत्तर प्रदेश में 26 हजार से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए. इन्होंने सिर्फ स्कूल ही बंद नहीं किए, बल्कि भाजपा सरकार ने लाखों नौकरियां भी खत्म कर दी. नौकरियां छीन ली. भाजपा सरकार गरीबों को शिक्षा से दूर कर रही है. भाजपा के एक रंगी लोग संत रविदास के विचारों पर नहीं चलते हैं. ये लोग संत रविदास के विचारों पर अमल नहीं करते है. भाजपा संत शिरोमणि रविदास जी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को नहीं मानती है.


