Crypto Market Crash : बिजनेस डेस्क : दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं. Bitcoin की कीमत 60,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसलकर 59,934 डॉलर पर पहुंच आई. इसी बीच मशहूर निवेशक और GMO के को-फाउंडर Jeremy Grantham ने Bitcoin को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि Bitcoin का कोई वास्तविक या प्रैक्टिकल उपयोग नहीं है और समय के साथ इसकी अहमियत धीरे-धीरे खत्म हो सकती है. उनके इस बयान ने पहले से दबाव झेल रहे क्रिप्टो बाजार में नई बहस छेड़ दी है.
‘Bitcoin सिर्फ सट्टा है, असली वैल्यू नहीं’
एक इंटरव्यू में Jeremy Grantham ने कहा कि Bitcoin की कोई आंतरिक (Intrinsic) वैल्यू नहीं है. उनके मुताबिक लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की खरीदारी या भुगतान के लिए नहीं करते. उन्होंने इसे एक सट्टा आधारित एसेट बताते हुए कहा कि मजबूत बुल मार्केट में भी Bitcoin उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया. उनका दावा है कि आने वाले वर्षों में इसका महत्व धीरे-धीरे कम होता जाएगा.
हालांकि यह Jeremy Grantham की व्यक्तिगत निवेश राय है. दुनिया भर में कई निवेशक और संस्थान Bitcoin को डिजिटल एसेट और वैकल्पिक निवेश के रूप में देखते हैं.
$60,000 के नीचे पहुंचा Bitcoin
CoinMarketCap के अनुसार, Bitcoin की कीमत 2.66% गिरकर 59,934.04 डॉलर पर आ गई. इसके साथ ही इसका मार्केट कैप करीब 2.75% घटकर 1.2 ट्रिलियन डॉलर रह गया. सिर्फ Bitcoin ही नहीं, पूरा Crypto Market भी दबाव में है. कुल क्रिप्टो मार्केट कैप गिरकर 2.06 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जो मई के बाद सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी 0.77% की गिरावट दर्ज की गई.
क्यों गिर रहा है Crypto Market?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में महंगाई के बढ़ते आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है. ऊंची ब्याज दरों का असर जोखिम वाले निवेश (Risk Assets) पर सबसे ज्यादा पड़ता है और क्रिप्टोकरेंसी भी इसी श्रेणी में आती है.
इसके अलावा WazirX के संस्थापक निश्चल शेट्टी का कहना है कि कई निवेशक अब क्रिप्टो से पैसा निकालकर AI और टेक्नोलॉजी शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं. हाल के महीनों में AI कंपनियों के शेयरों में आई तेजी ने भी निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
ETF आउटफ्लो ने बढ़ाया दबाव
Bitcoin ETF से लगातार हो रहे आउटफ्लो ने भी बाजार की कमजोरी बढ़ाई है. जब ETF से पैसा निकलता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है. कमजोर निवेश भावना और कम खरीदारी के कारण फिलहाल Bitcoin सहित अधिकांश प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी लाल निशान में कारोबार कर रही हैं.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव नया नहीं है. ऐसे में निवेशकों को किसी एक बयान या अल्पकालिक गिरावट के आधार पर फैसला लेने के बजाय जोखिम, निवेश अवधि और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए. फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की अगली नीति और Bitcoin ETF में निवेश के रुझान पर बनी हुई है, जो आगे की दिशा तय कर सकते हैं.
क्यों गिर रहा है Crypto Market?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में बढ़ती महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखने की आशंका बढ़ गई है. वहीं WazirX के संस्थापक निश्चल शेट्टी के अनुसार, निवेशक अब क्रिप्टो से पैसा निकालकर AI और टेक शेयरों में लगा रहे हैं. इसके अलावा Bitcoin ETF से लगातार आउटफ्लो और कमजोर निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया है.
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