Crude Oil Prices Today: बिजनेस डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. 27 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे WTI Crude Oil की कीमत घटकर 70.24 डॉलर प्रति बैरल और Brent Crude 71.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कम होने के बाद तेल बाजार में राहत देखने को मिली है. हालांकि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का असर

इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच विवाद बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली थी. निवेशकों को आशंका थी कि तनाव बढ़ने से तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है. लेकिन अब हालात सामान्य होने लगे हैं और इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल की कीमतें कई महीनों के बाद अपने निचले स्तर पर लौट आई हैं.

इन तीन वजहों से गिरे कच्चे तेल के दाम

विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं.

पहला : अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने से बाजार में तनाव कम हुआ.

दूसरा : समझौते के तहत ईरान को 60 दिनों की अस्थायी छूट मिलने से तेल सप्लाई को लेकर बनी चिंता कम हुई.

तीसरा : दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के दोबारा सुरक्षित तरीके से खुल जाने से वैश्विक सप्लाई सामान्य होने लगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पहले कहा था कि जैसे ही क्षेत्र में तनाव खत्म होगा, तेल की कीमतें अपने पुराने स्तर पर लौट आएंगी.

Crude Oil Prices Today: भारत में अभी क्यों नहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को अभी राहत नहीं मिली है. 26 जून 2026 को भी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया.

इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों के पास अभी भी वह कच्चा तेल मौजूद है, जिसे उन्होंने मिडिल ईस्ट में तनाव के दौरान काफी ऊंचे दामों पर खरीदा था. जब तक यह महंगा स्टॉक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो जाता, तब तक कंपनियों के लिए खुदरा कीमतों में कटौती करना आसान नहीं होगा.

Crude Oil Prices Today : कब मिल सकती है राहत?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में भी 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं और तेल कंपनियों का महंगा स्टॉक खत्म हो जाता है, तब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना बन सकती है.

हालांकि भारत में ईंधन की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती है. इन पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन का भी असर पड़ता है. इसलिए वैश्विक बाजार में गिरावट का फायदा आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है.

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