CWG 2026: आलोक शर्मा, राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ की होनहार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है. उन्होंने महिला 53 किलोग्राम वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया. बड़ी उपलब्धि के बाद लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ज्ञानेश्वरी के घर पहुंची और उनके पिता से खास बातचीत की.

कठिन परिस्थियों में पाया बड़ा मुकाम

कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक यादव ने लल्लूराम डॉट कॉम को बताया कि ज्ञानेश्वरी ने काफी संघर्ष किया है, काफी कठिनाई के बीच वह आज इस मुकाम तक पहुंची है. हम लोग भी हर कठिनाई में उसके साथ रहे हैं. समय-समय पर उसे जो भी जरूरत होती थी, उसे उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया. कई बार सुविधाएं नहीं मिल पाईं, लेकिन उसने हर परिस्थिति में खुद को ढालते हुए आगे बढ़ना जारी रखा. वह लगातार स्कूल गेम्स में हिस्सा लेती रही और हर बार कुछ न कुछ उपलब्धि हासिल करती आई है. नर्सरी से ही उसकी खेलों के प्रति रुचि रही है.

CWG 2026: पिता की फिटनेस ट्रेनिंग बनी ज्ञानेश्वरी की ताकत

जब ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक से पूछा गया कि एक समय ऐसा भी था जब ज्ञानेश्वरी को अभ्यास के लिए जरूरी चीजों की कमी थी, तब उन्होंने उन संघर्ष भरे दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि शुरुआत में अभ्यास के लिए जरूरी संसाधन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते थे. ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक ने बताया कि वह खुद बॉडीबिल्डिंग करते थे, इसलिए फिटनेस और ट्रेनिंग का अच्छा अनुभव था. इसी अनुभव के आधार पर वह समय-समय पर ज्ञानेश्वरी को पीटी और अन्य शारीरिक अभ्यासों का मार्गदर्शन देते थे, ताकि उसके शरीर में लचीलापन बना रहे और वह बेहतर प्रदर्शन कर सके. 

CWG 2026: मेडल जीतने के बाद ज्ञानेश्वरी ने मां को किया कॉल

दीपक यादव ने बताया कि ज्ञानेश्वरी ने सबसे अपनी मां को फोन किया था. उस समय वह घर पर नहीं थे. मिठाई और जरूरी सामान लेने बाजार गए हुए थे. उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर पदक जीतकर ज्ञानेश्वरी ने न सिर्फ देश का परचम लहराने के साथ राजनांदगांव जिले का भी नाम रोशन किया. यह पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का पल है.

विस अध्यक्ष डॉ. रमन ने किया कॉल पर दी बधाई

ज्ञानेश्वरी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद राजनांदगांव महारौप मधुसूदन उनके घर पहुंचे और परिवार को बधाईयां दी. दीपक यादव ने बताया कि उन्होंने फोन पर डॉ. रमन सिंह से भी बात कराई. इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने ज्ञानेश्वरी को मेडल जीतने पर बधाई दी, उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया और भरोसा दिलाया कि आगे भी जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहयोग करने का प्रयास किया जाएगा.

दीपक यादव ने बताया कि बेटी के खेल करियर के दौरान वह समय-समय पर सरकार से मदद की गुहार लगाते रहे. उनका कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सहयोग किया और उनका आशीर्वाद हमेशा ज्ञानेश्वरी के साथ रहा. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि वह लगातार मेहनत करती रही और आज देश के लिए पदक जीतने में सफल हुई.

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