अनिल शर्मा, अंबाला। अंबाला साइबर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अंबाला शहर बस स्टैंड पर विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य आमजन और यात्रियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए प्रेरित करना था।

साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को बताया कि साइबर ठग लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने और www.cybercrime.gov.in
पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।

साइबर सुरक्षा हेतु: क्या करें और क्या न करें,

क्या करें:1930 नंबर याद रखें: साइबर ठगी होने के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी सूचना देंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

मजबूत पासवर्ड: अपने बैंक खातों और सोशल मीडिया प्रोफाइल के लिए कठिन पासवर्ड रखें और समय-समय पर बदलते रहें।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अपने ईमेल और वित्तीय ऐप्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) हमेशा चालू रखें।

अधिकारिक ऐप ही डाउनलोड करें: हमेशा प्ले स्टोर या ऐप स्टोर जैसे विश्वसनीय स्रोतों से ही मोबाइल बैंकिंग ऐप डाउनलोड करें।

क्या न करें:

ओटीपी (OTP) साझा न करें: किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, पिन (PIN) या पासवर्ड किसी को न बताएं, चाहे सामने वाला खुद को बैंक अधिकारी ही क्यों न कहे।

अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें:

एसएमएस या ईमेल पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, यह आपके फोन को हैक कर सकते हैं।

स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स से बचें:

किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।

QR कोड स्कैन न करें:

ध्यान रखें कि पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती, यह केवल पैसे भेजने के लिए होता है।

डिजिटल अरेस्ट की धमकी से न डरें,

डिजिटल अरेस्ट की धमकी देने वाले साइबर ठगों से न डरें क्योंकि पुलिस कभी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।

अंबाला साइबर पुलिस ने अपील की है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है। “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”