Darbhanga AIIMS: बिहार के दरभंगा में बनने वाले एम्स (AIIMS) को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। अस्पताल के निर्माण का रास्ता अब आगे बढ़ गया है। इसके लिए 1549.25 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 30 महीने की समयसीमा तय की गई है। ऐसे में अब सबकी नजरें निर्माण एजेंसी के चयन और काम शुरू होने पर टिकी हैं।
182 एकड़ में होना है एम्स का निर्माण
दरभंगा जिले के शोभन में करीब 182 एकड़ जमीन पर इस एम्स का निर्माण होना है। इसके लिए एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड ने निविदा जारी की है। पूरी परियोजना को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इसके तहत अस्पताल भवन के साथ मेडिकल शिक्षा और आवास से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
योजना के मुताबिक, एम्स परिसर में मुख्य अस्पताल भवन, अकादमिक ब्लॉक और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवासीय परिसर बनाया जाएगा। इसके अलावा मरीजों और अस्पताल के संचालन से जुड़ी दूसरी जरूरी सुविधाएं भी तैयार होंगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
27 नवंबर तक एजेंसियां कर सकेंगी आवेदन
जारी टेंडर के मुताबिक, निर्माण कार्य में रुचि रखने वाली एजेंसियां ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 27 नवंबर 2026 रखी गई है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। एजेंसी तय होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
उत्तर बिहार के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
दरभंगा एम्स के शुरू होने से उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों को इलाज के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी गंभीर बीमारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी समेत आसपास के जिलों के मरीजों को पटना या दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है।
एम्स में इलाज की सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को अपने इलाके के नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसका फायदा नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल की पढ़ाई और रोजगार के भी खुलेंगे रास्ते
दरभंगा एम्स सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं रहेगा। यहां मेडिकल की पढ़ाई, प्रशिक्षण और शोध की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे मेडिकल के विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अस्पताल शुरू होने के बाद डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी कर्मचारियों और दूसरे पदों पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
फिलहाल 1549.25 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए टेंडर जारी होने के बाद अगला कदम निर्माण एजेंसी का चयन करना है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, एजेंसी को काम पूरा करने के लिए 30 महीने का समय दिया जाएगा।
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