दरभंगा। शहर के विशनपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन एम्स के पास प्रस्तावित परिसर से सटी जमीन पर बुधवार को हुई गोलीबारी और मारपीट के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गोलीबारी में घायल विजय भगत के भाई अजय के बयान पर मामला दर्ज किया है। इस मामले में 5 नामजद और 12 अज्ञात सहित कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

​दोस्त के फोन से मिली सूचना और घेराबंदी

​प्राथमिकी के अनुसार, अजय भगत को उसके दोस्त ने फोन कर सूचना दी कि उसके भाई विजय को गोली लग गई है। एम्स के पास बाउंड्री निर्माण स्थल पर 10-15 लोगों ने उसे घेर रखा है। सूचना मिलते ही अजय अपने दोस्तों राहुल मंडल, शुभम कुमार और ऋतिक कुमार के साथ मौके पर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहले से चुन्नू सिंह, कुंदन सिंह, अकबर, रौनक किंग और सानू सिंह समेत 8-10 अज्ञात लोग मौजूद थे। सभी ने मिलकर गाली-गलौज और फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाकर भागने के दौरान विजय भगत की गर्दन के पास गोली लग गई, जिसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

​स्मार्ट सिटी कार्यालय पर हमला

​घटनास्थल के पास स्थित शिवपुरी स्मार्ट सिटी कार्यालय पर भी हमला किया गया। मजबूत लोहे का गेट होने के कारण हमलावर अंदर नहीं घुस सके, लेकिन बाहर खड़ी दो बाइकों को लाठी-डंडों से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बाइक जब्त कर ली हैं। एसडीपीओ-1 एसके सुमन ने बताया कि शिवपुरी स्मार्ट सिटी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को खदेड़ते और हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।

​एक साल से चल रहा है भूमि विवाद

​सूत्रों के अनुसार, यह विवाद पिछले एक साल से धर्मेंद्र साह और हनुमान नगर के नरसारा पंचायत के मुखिया रामजी राम के बीच चल रहा है। दोनों पक्षों ने अंचलाधिकारी के समक्ष कागजात प्रस्तुत किए थे, जिसके बाद सीओ ने मामले को कोर्ट में ले जाने का निर्देश दिया था। पंचायत स्तर पर कई दौर की बैठकों के बाद भी विवाद नहीं सुलझा। आरोप है कि इसी बीच एक पक्ष ने चहारदीवारी का निर्माण शुरू करा दिया, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।

​एसआईटी का गठन और पुलिस की कार्रवाई

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। विशनपुर थाना पुलिस और टेक्निकल सेल की टीम संयुक्त रूप से साक्ष्य जुटाने में लगी है। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कोई हथियार या खोखा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।