विजय कुमार, जमुई। जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर एक सड़क हादसा हुआ, जहां सड़क किनारे खड़ा एक पुराना और विशाल पेड़ अचानक चलते हुए गैस सिलेंडर लोड ट्रक के ऊपर आ गिरा। इस अप्रत्याशित दुर्घटना में ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत यह रही कि गैस सिलेंडरों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा, वरना एक बहुत बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गैस सिलेंडर से भरा हुआ एक ट्रक जमुई से मलयपुर की तरफ जा रहा था। ट्रक जैसे ही मुख्य मार्ग के एक निश्चित हिस्से से गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे खड़ा दशकों पुराना और कमजोर हो चुका विशाल पेड़ अचानक से भरभरा कर सीधे ट्रक के अगले हिस्से (केबिन) पर जा गिरा। पेड़ के भारी वजन और अचानक हुए इस आघात से ट्रक का केबिन पूरी तरह पिचक गया और चालक अंदर ही फंस गया। इस घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।


स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से बची जान
हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके की ओर दौड़े। बिना एक पल गंवाए स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय युवाओं की मदद से बुरी तरह फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके तुरंत बाद घायल चालक को इलाज के लिए नजदीकी जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। उसकी स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है।
यातायात ठप और प्रशासन की कार्रवाई
इस दुर्घटना के बाद जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों लंबी कतारें लग गईं। व्यस्त मार्ग होने के कारण देखते ही देखते मीलों लंबा जाम लग गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस दल-बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन जेसीबी मशीन मंगवाई। जेसीबी की मदद से सड़क पर गिरे विशाल पेड़ को काटकर और हटाकर रास्ते को साफ किया गया, जिसके कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग के किनारे कई ऐसे पुराने, सूखे और जर्जर पेड़ खड़े हैं, जो अंदर से खोखले हो चुके हैं। ये पेड़ कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि ऐसे खतरनाक पेड़ों की तुरंत पहचान कर उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।


