वीरेंद्र कुमार/दरभंगा। बिहार के दरभंगा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) की एक 23 वर्षीय स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र की रहने वाली निधि कुमारी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे हॉस्टल परिसर और मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है।

​पटना से मिली सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस

​घटना की जानकारी तब मिली जब पटना स्थित आपातकालीन सेवा डायल-112 पर किसी ने इस अनहोनी की सूचना दी। पटना से स्थानीय पुलिस को तुरंत अलर्ट किया गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय थाना की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। पुलिस ने जब संबंधित कमरे का जायजा लिया तो वह अंदर से पूरी तरह बंद था। काफी कोशिश के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कड़ा कदम उठाते हुए बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

​वीडियो कॉल के दौरान उठाया खौफनाक कदम

​कमरे के अंदर का दृश्य बेहद चौंकाने वाला और संवेदनहीन था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतका निधि कुमारी का शव पंखे से फंदे पर लटका हुआ था। हैरानी की बात यह है कि उसके कान में हेडफोन लगा हुआ था और ठीक उसके सामने मोबाइल रखा था। तकनीकी एंगल और शुरुआती हालात को देखकर यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि वह किसी व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल पर थी और उसी दौरान यह खौफनाक कदम उठाया गया। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है।
​एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
​घटना की गंभीरता को देखते हुए फौरन विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। एफएसएल टीम ने कमरे के अंदर से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत की असल वजह का पता लगाया जा सके। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) भेज दिया।

​पुलिस प्रशासन का बयान और आगे की जांच

​मामले की पुष्टि करते हुए विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृतका का मोबाइल फोन और अन्य सभी डिजिटल साक्ष्य पुलिस के कब्जे में हैं जिनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि वीडियो कॉल पर उस समय कौन मौजूद था और आखिरी बातचीत किससे हुई थी।