फिरोज अहमद, दरभंगा। बिहार में दलितों, महादलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर लगातार बढ़ रहे सामंती और पुलिस जुल्म के खिलाफ राज्यव्यापी आह्वान के तहत दरभंगा जिला इकाई की ओर से एक तीव्र प्रतिवाद मार्च निकाला गया। भाकपा (माले), खेग्रामस, ऐपवा और इंसाफ मंच के संयुक्त बैनर तले यह मार्च शहर के पोलो मैदान से शुरू होकर समाहरणालय होते हुए लहेरियासराय टॉवर तक गया, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया।

​पुलिस बर्बरता और प्रशासनिक दमन के खिलाफ फूटा आक्रोश

पोलो मैदान से निकला यह प्रतिवाद मार्च शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य हाल ही में हुई दो दर्दनाक घटनाओं बेतिया के औरहिया गांव में पुलिस हिरासत में दिलशाद अंसारी की हत्या और पटना जिले के बेहरावा में 32 मुसहर महिलाओं को जेल भेजे जाने की घटना के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पूरी तरह से खतरे में पड़ चुकी है और पुलिस खुद कानून को ताक पर रखकर बर्बरता की हदें पार कर रही है।

​प्रतिवाद सभा में वक्ताओं के कड़े तेवर

पप्पू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद और खेग्रामस नेता हरि पासवान ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सम्राट सरकार के शासन में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आ रहा है। एक तरफ बेतिया में पुलिस हाजत के अंदर दिलशाद अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ पटना के बेहरावा में न्याय मांगने वाली 32 मुसहर महिलाओं को जबरन जेल भेज दिया जाता है। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कमजोर तबके पर होने वाले इन हमलों को तुरंत नहीं रोका गया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।

​प्रमुख मांगें और संचालन

इस प्रतिरोध मार्च के माध्यम से भाकपा (माले) और सहयोगी संगठनों ने प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग पटना जिला के बेहरावा में बंद की गई सभी 32 मुसहर महिलाओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की थी। दूसरी मांग बेतिया के दिलशाद अंसारी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में संलिप्त सभी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की थी।
​प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, जिला सचिव मकसूद आलम पप्पू खां, ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, खेग्रामस जिला सचिव पप्पू पासवान, पूर्व प्रमुख हरि पासवान, सबरी देवी, अमर राम, देवेंद्र कुमार, और भाकपा (माले) जिला स्थायी समिति सदस्य अशोक पासवान व विनोद सिंह ने संयुक्त रूप से किया। सभा को संबोधित करने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में लक्ष्मी देवी, सूर्य नारायण शर्मा और कोमलकांत यादव शामिल रहे। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, महिला, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हुए।