दरभंगा। जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ करीब एक साल तक डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने, गर्भवती होने पर अगवा कर जबरन जहरीली दवा और इंजेक्शन देकर गर्भपात कराने का संगीन मामला सामने आया है। पीड़िता को गंभीर हालत में इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया है। पुलिस की बढ़ती दबिश के बाद मामले के एक आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है।
जान से मारने की धमकी देकर एक साल से दुष्कर्म
पीड़िता के भाई द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी पिछले एक साल से युवती को जान से मारने की धमकी देकर लगातार उसकी अस्मत से खिलवाड़ कर रहा था। लोक-लाज और डर के कारण पीड़िता चुप रही। हालांकि, जब युवती के गर्भवती होने की जानकारी मिली, तो आरोपियों ने मामला दबाने की नीयत से साजिश रचनी शुरू कर दी।
9 अक्टूबर को अगवा कर दी गई जहरीली दवा
प्राथमिकी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे आशुतोष उर्फ श्रवण सिंह, गया सिंह और सावन देवी युवती को अगवा कर एक अज्ञात स्थान पर ले गए। आरोप है कि वहां उसका जबरन गर्भपात कराने के इरादे से उसे जहरीला इंजेक्शन और दवा दी गई। इसके बाद युवती की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
बगीचे में फेंककर फरार हुए आरोपी
पुलिस में शिकायत की भनक लगते ही आरोपियों ने 10 अक्टूबर की देर रात करीब 1 बजे पीड़िता को तुमौल स्थित एक बगीचे में बदहवास हालत में छोड़ दिया और फरार हो गए। परिजनों को जब युवती मिली, तो उसे तुरंत घनश्यामपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे DMCH रेफर कर दिया।
परिजनों को मिली जान से मारने की धमकी
शिकायत में यह भी आरोप है कि 10 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे विजय सिंह अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचा। उसने युवती के बुजुर्ग पिता और परिजनों को पुलिस में जाने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस जांच जारी, एक आरोपी का सरेंडर
घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि भाई की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच सब-इंस्पेक्टर आकृति कुमारी को सौंपी गई है। पुलिस की लगातार छापेमारी के बीच एक आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

