शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में दतिया उपचुनाव की तैयारी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस दोनों ही दल जल्द से जल्द अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने की होड़ में हैं। इस बीच भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस उपचुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे ‘जनता पर थोपा गया चुनाव’ करार दिया है।
रात के 12 बजे विधानसभा खोलकर की गई कार्रवाई
दतिया उपचुनाव की पृष्ठभूमि पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, “यह चुनाव पूरी तरह से जनता के ऊपर थोपा गया है। एक सोचे-समझे षड्यंत्र के तहत राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म की गई थी। हद तो तब हो गई जब रात के 12 बजे विधानसभा खोलकर ऑर्डर जारी किया गया और उनकी सदस्यता छीन ली गई।”
शर्मा ने आगे कहा कि यह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद जनता को दोबारा चुनाव में धकेला जा रहा है। उन्होंने दतिया की प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ का जिक्र करते हुए कहा, “हमें माई (देवी जी) पर पूरा भरोसा है, दतिया की जनता के साथ न्याय होकर रहेगा।”
दोनों दलों में इन नामों की चर्चा तेज
दतिया की रणभूमि में उतरने के लिए दोनों ही दलों के भीतर दावेदारों के नामों को लेकर कयासों का दौर जारी है। कांग्रेस खेमा (सहानुभूति कार्ड खेलने की तैयारी)। शोभा भारती: कांग्रेस के भीतर अंदरूनी सूत्रों की मानें तो राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है। पार्टी यहाँ ‘प्रताड़ना और सहानुभूति’ का कार्ड खेल सकती है। अन्य दावेदार: पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और अवधेश नायक भी टिकट की दौड़ में मजबूती से शामिल हैं। पीसी शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद दतिया का दौरा किया था। वहां स्थानीय कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन रायशुमारी की जा चुकी है। टिकट राजेंद्र भारती के परिवार को मिले या किसी अन्य को, दतिया में कांग्रेस की जीत शत-प्रतिशत तय है।
भाजपा खेमा (दिग्गज पर दांव)
नरोत्तम मिश्रा: भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और दतिया के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे आगे चल रहा है। पार्टी इस सीट को दोबारा अपनी झोली में डालने के लिए अपने सबसे मजबूत चेहरे पर ही दांव लगाने के मूड में है।
दतिया की जनता में ‘सहानुभूति की लहर’
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि राजेंद्र भारती के साथ जो हुआ, उससे दतिया की आम जनता खुद को प्रताड़ित महसूस कर रही है। क्षेत्र में इस समय जो अदृश्य सहानुभूति की लहर है, वह पूरी तरह से कांग्रेस के पक्ष में जाएगी। बहरहाल, अब सभी की नजरें दिल्ली और भोपाल के पार्टी मुख्यालयों पर टिकी हैं कि दोनों दल कब अपने पत्ते खोलते हैं।
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