कैथल की डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतुष्टिजनक निवारण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों में देरी होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
राकेश कथूरिया,कैथल। की उपायुक्त (डीसी) अपराजिता ने जिला अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ निपटाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को अपनी शिकायतों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यह निर्देश उन्होंने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समाधान शिविर की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
अधिकारियों को सीधे संवाद के निर्देश
डीसी अपराजिता ने कहा कि संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधा तालमेल बिठाएं। यदि जरूरत हो तो प्रार्थी को खुद बुलाकर उसकी बात सुनें और मौके पर ही समाधान निकालें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निपटारे में जनता की संतुष्टि सबसे ज्यादा जरूरी है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था पर उनका भरोसा मजबूत हो।
एटीआर पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य
बैठक में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए डीसी ने अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने आदेश दिए कि निर्धारित समय से ज्यादा रुके मामलों को प्राथमिकता पर सुलझाया जाए। इसके साथ ही समाधान के तुरंत बाद पोर्टल पर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) अपलोड करना सुनिश्चित करें। जिन मामलों में नियम के तहत समाधान संभव नहीं है, उनकी स्पष्ट जांच रिपोर्ट भी पोर्टल पर दर्ज की जाए।
त्वरित समाधान का माध्यम बने शिविर
समीक्षा के दौरान डीसी ने बताया कि जिला और उपमंडल स्तर पर चलने वाले समाधान शिविर लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के जरिए जनता की व्यक्तिगत और सार्वजनिक दिक्कतों को समय पर दूर किया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे इन शिविरों में आकर अपनी समस्याओं का कानूनी हल पाएं।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। इनमें सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनी) शिवानी पांचाल, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश और डीएमसी कपिल शर्मा शामिल थे। इनके अलावा शुगर मिल के एमडी कृष्ण कुमार, एसडीएम संजय कुमार और डीएसपी सुशील कुमार ने भी हिस्सा लिया।

