निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ा दी है। अब राजधानी में अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले यह प्रक्रिया पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी होनी थी। भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि मतदाता सूची के मसौदे (ड्राफ्ट) का प्रकाशन अब 5 अगस्त के बजाय 17 अगस्त को किया जाएगा। वहीं, घर-घर जाकर सत्यापन (डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया भी अब 29 जुलाई के बजाय 8 अगस्त तक जारी रहेगी। इस फैसले के साथ दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की अवधि 10 दिन बढ़ा दी गई है। इससे पहले हरियाणा में भी इसी प्रक्रिया की समयसीमा 10 दिन बढ़ाई गई थी।

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 30 जून से शुरू हुई थी। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने, आवश्यक फॉर्म वितरित करने और उन्हें वापस एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पहले यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक पूरी होनी थी। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी है। आयोग का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य उन पात्र नागरिकों को पर्याप्त अवसर देना है, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है या जिनका सत्यापन बाकी है। संशोधित कार्यक्रम के तहत अब बूथ लेवल अधिकारी 8 अगस्त तक घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करेंगे।

निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों के पुनर्गठन (रेशनलाइजेशन) का कार्य भी अब 8 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित किया जाएगा। पहले यह सूची 5 अगस्त को जारी होनी थी। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद यदि किसी व्यक्ति को अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाना है, हटवाना है या किसी प्रकार का सुधार कराना है, तो वह 17 अगस्त से 16 सितंबर के बीच अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेगा। पहले इसके लिए 5 अगस्त से 4 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया था। निर्वाचन आयोग ने बताया कि इस दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जांच तथा उनके निपटारे के लिए निर्वाचन अधिकारियों को 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद सभी आवश्यक संशोधन शामिल करते हुए 19 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

तीसरे चरण का हिस्सा है दिल्ली का SIR अभियान

निर्वाचन आयोग के अनुसार, दिल्ली में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान देशभर में संचालित इस प्रक्रिया के तीसरे चरण का हिस्सा है। इस चरण की शुरुआत 14 मई को की गई थी। तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि अतीत में विभिन्न प्रशासनिक और व्यावहारिक कारणों से SIR कार्यक्रमों की समयसीमा में बदलाव किए जाते रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर कार्यक्रम में संशोधन किया जाता है।

SIR के दौरान 30,907 मृत और 1.20 लाख से अधिक स्थानांतरित मतदाता मिले

दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही मतदाताओं से संबंधित आंकड़ों को डिजिटल प्रणाली में अपलोड करने का काम भी तेजी से जारी है। इस बीच शुरुआती जांच में मतदाता सूची के सत्यापन से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। निर्वाचन आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 30,907 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है, जिनका निधन हो चुका है। वहीं, सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है, जो अपना निवास बदल चुके हैं। अब तक 1,20,450 मतदाता ऐसे मिले हैं, जो दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा, सत्यापन के दौरान 12,160 मतदाता ऐसे पाए गए, जो बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के घर-घर सत्यापन के समय अपने पते पर मौजूद नहीं थे।

पंजाब में भी बढ़ाई गई SIR की समयसीमा

दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में भी निर्वाचन आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा में बदलाव किया है। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अब घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य 3 अगस्त तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा (ड्राफ्ट रोल) 13 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद नागरिक 13 अगस्त से 12 सितंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या अन्य दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, प्राप्त दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 8 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद सभी आवश्यक संशोधन शामिल करते हुए 12 अक्टूबर को पंजाब की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

हरियाणा, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में बढ़ाई गई SIR की समयसीमा

निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के साथ-साथ कई अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ा दी है। बुधवार को आयोग ने पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया। इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार (15 जुलाई) को आयोग ने हरियाणा और आंध्र प्रदेश में भी SIR की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया था। लगातार कई राज्यों में कार्यक्रम की अवधि बढ़ाने का उद्देश्य मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर देना बताया गया है।

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