अविनाश कुमार, रोहतास। औरंगाबाद में बीते शनिवार को हुए डेहरी-डालमिया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल पुलिस का कहना है कि ईओ अधिकारी की हत्या उनके ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने ही की है। उसने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया है। लेकिन अब आरोपी ड्राइवर की पत्नी आरती कुमार ने जो कुछ कहा है, उसने घटना और पुलिस की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस ने टॉर्चर कर बयान दिलवाया- आरती

आरोपी ड्राइवर मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती कुमारी का कहना है कि इस घटना के बाद जब उनकी बात उनके पति से हुई, तो उनके पति ने बताया कि पुलिस के दबाव में आकर उन्होंने अपना बयान बदला है। आरती कुमारी ने बताया कि, उनके पति ने जो पहले बयान दिया था, वही सत्य था। लेकिन बाद में जिस तरह से पुलिस के पुलिस के वरीय अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाया। उनके साथ मारपीट की, उनके साथ टॉर्चर किया गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस ने जो कहानी बताई, उनके पति वह पूरी बात स्वीकार कर ली।

ईओ साहब के साथ नहीं था कोई विवाद- आरती

आरती ने बताया कि, उनके पति के बयान को रिकॉर्ड भी करवाया गया तथा कई सोशल मीडिया पर वायरल भी कराया गया। उस दौरान भी पुलिस के अधिकारी भी वहां मौजूद थे। पत्नी का कहना है कि उनके पति का ईओ साहब से कभी कोई विवाद नहीं हुआ है। उन्होंने कभी ऐसा कुछ नहीं बताया कि ईओ साहब से उनकी कभी अनबन हुई है। बता दें कि ड्राइवर ने अपने पहले बयान में यह कहा था कि अपाची बाइक से पहुंचे 2 लोगों ने ईओ अधिकारी की हत्या कर दी।

तेजस्वी ने सरकार पर लगाया विधायक को बचाने का आरोप

बता दें कि इस मामले को लेकर बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पटना में एक प्रेस वार्ता किया है, जिसमें उन्होंने सरकार पर लोजपा विधायक सोनू सिंह को बचाने का आरोप लगाया और पुलिस की जांच पर सवाल उठाया है। इसके बाद अब इस पूरे मामले ने सियासी रंग ले लिया है। इस मामले में डेहरी लोजपा (R) के विधायक सोनू सिंह का भी नाम सामने आया है। जिसके बाद यह वारदात सुर्खियों में आ गया है। मामले में मृतक ईओ विमल कुमार की पत्नी ने भी डेहरी विधायक पर 25-50 लाख रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।

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